Friday, March 27, 2026

देश मंथन डेस्क

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सबसे अभागा वो आदमी जिसके पास रिश्ते नहीं

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :

मेरे दफ्तर में काम करने वाली एक महिला ने कल अपना इस्तीफा सौंप दिया। वो मुझसे मिलने आयी थी और बता रही थी कि उसे बहुत अफसोस है कि वो नौकरी छोड़ कर जा रही है, पर मजबूरी है। 

मैंने उससे पूछा कि ऐसी क्या मजबूरी है? 

किसानों का शहर

निभा सिन्हा :

आषाढ़ महीना का पूरा एक पक्ष निकल गया, मतलब कुल पंद्रह दिन, लेकिन बारिश की बूँदें गिन कर ही बरसी हैं इस बार भी। खबर मिली है गाँव से कि धान के बीज जल गये कई लोगों के इस बार भी। मुझे पता नहीं क्यूँ, नगीना बाबा बहुत याद आ रहे हैं।

बसपाइयों के शर्मनाक कृत्य पर सियासी बेशर्मी

संदीप त्रिपाठी :

भाजपा से बर्खास्त दयाशंकर सिंह ने मायावती पर बहुत गलत टिप्पणी की थी। भाजपा ने तत्काल इसके लिए उन्हें दंडित किया। सभी ने दयाशंकर की निंदा की। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गयी और पुलिस उनकी तलाश कर रही है, वे फरार हैं। बलिया निवासी दयाशंकर लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति की उपज हैं। छात्र संघ के अलावा कहीं कोई चुनाव जीत नहीं सके। यानी आप मान सकते हैं कि अभी राजनीतिक वयस्कता की दृष्टि से दयाशंकर बालिग नहीं हैं। फिर भी उन्होंने मायावती पर जो अपमानजनक टिप्पणी की, उसका उन्हें दंड मिला।

जिन्दगी अपनी पसंद की होनी चाहिए

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :

बेटे ने जिद पकड़ ली थी कि उसे डायनासॉर वाला खिलौना चाहिए। 

डायनासॉर वाला खिलौना बच्चों की पसंद बना हुआ था। वो बैट्री से चलता था, कुछ दूर चल कर रुकता और फिर मुँह से अजीब सी आवाज निकाल कर धुआँ छोड़ता। 

भाजपा में कैसे जगह पाते हैं दयाशंकर जैसे लोग

संदीप त्रिपाठी :

उत्तर प्रदेश भाजपा के नवनियुक्त उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह बसपा सुप्रीमो मायावती पर अभद्र टिप्पणी करके न सिर्फ अपनी कुर्सी गवाँ बैठे बल्कि उन्हें पार्टी से भी छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया। लखनऊ के हजरतगंज थाने में उन पर एससी-एसटी एक्ट समेत कई धाराओं में प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गयी है।

गुलाम नबी को तो हीलिंग टच चाहिए, पर बाकी देश को क्या चाहिए?

अभिरंजन कुमार, पत्रकार :

कश्मीर में गुलाम नबी आजाद हीलिंग टच की बात कर रहे थे। 70 साल से वहाँ हीलिंग टच ही हो रहा था। अगर किसी की फीलिंग में ही प्रॉब्लम हो, तो कब तक हीलिंग करें?

तो अब सिद्धू भैया का करिहैं…

संदीप त्रिपाठी :

नवजोत सिंह सिद्धू अब क्या करेंगे? पूर्व क्रिकेटर, कमेंटेटर, कॉमेडी शो जज और भाजपा नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू, जो पंजाब में भाजपा विधायक और संसदीय सचिव थीं, उन्होंने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। हालाँकि अभी इन दोनों ने भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है लेकिन इनके आम आदमी पार्टी में जाने के कयास खूब लग रहे हैं। सवाल यह है कि अब सिद्धू क्या करेंगे?

क्या संभव हैं एक साथ लोस-विस चुनाव ?

संजय द्विवेदी, अध्यक्ष, जनसंचार विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय :

देश में इस वक्त यह बहस तेज है कि लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाएं। देखने और सुनने में यह विचार बहुत सराहनीय है और ऐसा संभव हो पाए तो सोने में सुहागा ही होगा।

बीसीसीआई के धतकरमों पर रोक, लोढ़ा की संस्तुति मान्य

पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :

बात निकली है तो दूर तलक जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने आज ऐतिहासिक फैसला देते हुए बीसीसीआई में अपनी स्थापना की शुरुआत से ही की जा रही मनमानी और धतकरमों पर पूरी तरह से रोक लगाते हुए लोढ़ा समिति की संस्तुतियों को लगभग मान लिया।

चंपावती के नाम पर पड़ा चंबा शहर का नाम

चंपावती के नाम पर पड़ा चंबा शहर का नाम

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :

विख्यात कलापारखी और डच विद्वान डॉ. बोगल ने चम्बा को 'अचंभा' कहा था। उन्होंने यू हीं शहर को अचंभा नहीं कहा था। यहां के मंदिर कला संस्कृति में विविधता को देखते हुए उन्होंने अनायास ही यह उपाधि दे डाली थी। वैसे चंबा शहर का नाम चंबा के राजा के बेटी चंपावती के नाम पर पड़ा था।