देश मंथन डेस्क
भारत में लॉन्च हुई सबसे सस्ती बाइक

देश मंथन डेस्क :
अमेरिका की लक्जरी मोटरसाइकिल बनाने वाली कंपनी इंडियन मोटरसाइकिल ने स्काउट 60 बाइक को भारतीय बाजार में उतारा है।
चंबा की विरासत से रूबरू कराता भूरी सिंह संग्रहालय

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
किसी भी शहर के इतिहास को जानने के लिए वहाँ के संग्रहालय को जरूर देखना चाहिए। चंबा का भूरी सिंह संग्रहालय आपको शहर और आसपास के समृद्ध ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराता है। यह एक छोटा सा संग्रहालय है पर इसे काफी बेहतर ढंग से प्रबंध करके रखा गया है।
जायका का स्वाद जो कभी नहीं भूलता…

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
दोपहर में हमलोग होटल रायल ड्रीम में चेक-इन कर चुके थे। अब चंबा शहर को देखने निकलना था। चंबा में चौगान पर हमारा इंतजार ममता शर्मा कर रही थीं। वही ममता जो हमें श्रीनगर में मिली थीं। दिल्ली के प्रगति मैदान में भी दो बार मिलीं। वे अपने गाँव जा रही हैं। उनका घर चंबा से 60 किलोमीटर आगे तीसा क्षेत्र में है। हमारे होटल से बस स्टैंड 5 किलोमीटर है। वहाँ तक जाने के लिए समय समय पर आने वाली बस ही विकल्प है। पर हमें भूख लग रही है।
बचपन

राकेश उपाध्याय, पत्रकार :
कौसल्या जब बोलन जाई। ठुमुक-ठुमुक प्रभु चलहिं पराई। निगम नेति सिव अंत न पावा। ताहि धरै जननी हठि धावा।।
बाल चरित अति सरल सुहाए, सारद सेष संभु श्रुति गाए।
जिन्ह कर मन इन्ह सन नहीं राता, ते जन बंचित किए बिधाता।।
अहंकार जब-जब जीता, आदमी तब-तब हारा

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
आज के पात्र
बेटा- रमन।
माँ- तृप्ता रानी।
बहू- मोनिका।
***
साडे चिड़ियों दा चंबा वे…बाबुल अस उड़ जाना..

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
हमारी बस धीरे-धीरे चंबा की ओर बढ़ रही थी। खजियार 1900 मीटर के करीब ऊँचाई पर है और चंबा 900 मीटर पर नीचे। इसलिए खजियार से चली बस धीरे-धीरे उतर रही थी।
प्यार, स्नेह और मान दें रिश्तों में प्रेम के अंकुर फूटेंगे

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
मैं एक बहू से मिला हूँ। मैं एक सास से मिला हूँ।
दोनों में नहीं बनती। क्यों नहीं बनती मुझे नहीं पता। बहू का कहना है कि सास हर पल उसे नीचा दिखाती हैं।
सास कहती हैं कि बहू उसे पूछती नहीं।
हर दिल जो प्यार करेगा, वो इश्क-क्लिक देखेगा

संदीप त्रिपाठी :
22 जुलाई को रिलीज होने जा रही फिल्म इश्क-क्लिक के निर्माता सतीश त्रिपाठी का कहना है कि जिस हृदय में प्रेम लेश मात्र भी होगा, उसे इश्क क्लिक जरूर अच्छी लगेगी। उन्होंने कहा कि यह फिल्म एक मासूम मोहब्बत की कहानी है जहाँ कोई गलत नहीं है। इश्क-क्लिक के निर्माता अजय जायसवाल-सतीश त्रिपाठी की जोड़ी के सतीश त्रिपाठी आज देश मंथन के कार्यालय आये और इश्क-क्लिक के बाबत ढेरों बातें कीं।
लोक आस्था के प्रतीक हैं खजिनाग

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
हिमाचल के धौलाधार पर्वत मालाओं के बीच कई नाग मंदिर हैं। इनमें खजियार का खजिनाग मंदिर प्रमुख है। खजिनाग मंदिर बारहवीं सदी का बना हुआ है। आठ सौ साल पुराना ये मंदिर अपने ऐतिहासिकता और पुरातात्विक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर का जीर्णोद्धार चंबा के राजा पृथ्वी सिंह की दाई बाटुल ने करवाया था। मंदिर के गर्भ गृह में खज्जी नाग की प्रस्तर प्रतिमा स्थापित है। मंदिर के प्रांगण में पंच पाँडवों की काष्ठ प्रतिमाएँ स्थापित की गयी हैं।
दऊआ पहलवान गली

आलोक पुराणिक, व्यंग्यकार :
भद्र नाम था उस सड़क का -विद्यानिधि सर्वनाथ चंद्रालंकार मार्ग। पर सब उसे दऊआ पहलवान गली के नाम से ही जानते थे। दऊआ पहलवान स्थानीय गुंडे थे एक जमाने में, उनका नाम लेकर उस गली के शरीफ बाशिंदे पुलिस को डराते थे और नवोदित गुंडे दूसरे मुहल्ले के गुंडों को डराते थे।



विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
राकेश उपाध्याय, पत्रकार :
संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
संदीप त्रिपाठी :
आलोक पुराणिक, व्यंग्यकार :




