Saturday, March 28, 2026

देश मंथन डेस्क

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नीतीश जी, गुड मॉर्निंग… हज मुबारक हो!

अभिरंजन कुमार, पत्रकार :

पिछ्ले कार्यकाल में नीतीश जी ने गली-गली शराब की दुकानें खुलवायीं। अब उन दुकानों को बंद करा दिया है। पहले वे स्वयँ लोगों से कहते थे- पियो और टैक्स भरो, ताकि छात्राओं को दी जाने वाली साइकिलों के पैसे आ सकें। अब वे सबको शराब न पीने की कसमें खिला रहे हैं।

सट्टेबाजों की बहार, चढ़ा आईपीएल का बुखार

पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :

टी-20 विश्वकप की गहमागहमी अभी बनी हुई ही थी कि आ गया सट्टेबाजों का सालाना त्यौहार यानी दुनिया के सबसे बड़े खेल ब्रांडों में एक आईपीएल -9 जो नौ अप्रैल से प्रारंभ होने जा रहा है और जिसमें सट्टेबाजी-फिक्सिंग के आरोपों के चलते निलंबित चेन्नई सुपर किंग और राजस्थान रायल्स के स्थान पर धोनी की अगुवाई में राइजिंग पुणे और सुरेश रैना के नेतृत्व वाली गुजरात लायंस राजकोट को बतौर नयी फ्रेंचाइजी लीग में शामिल किया गया है।

बुधवार पेठ – यहाँ सावित्री बाई फूले ने खोला था पहला बालिका विद्यालय

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :

अगर महाराष्ट्र का शहर मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है तो पुणे महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी। पुणे महाराष्ट्र का पुराना शहर है। इसे पुण्य नगरी भी कहा जाता है। पर पुणे शहर के दो हिस्से हैं। पुराना शहर और नया शहर। बात पुराने शहर की करें तो यह पेठ का शहर है।

मन की कमजोरी

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :

हाथी वाली कहानी आप सबने बचपन में ही सुन ली होगी। 

मैं जानता हूँ कि पहली पंक्ति पढ़ कर एक क्षण में आपके जेहन में न जाने हाथियों की कितनी कहानियाँ कौंध पड़ी होंगी।

प्रत्यूशा की मौत के बहाने

संजय कुमार सिंह, संस्थापक, अनुवाद कम्युनिकेशन :

मैंने किसानों की आत्महत्या पर नहीं लिखा, डेल्टा मेघवाल की मौत पर भी नहीं लिखा लेकिन प्रत्यूशा बनर्जी की मौत पर लिख रहा हूँ। कारण इसी में है फिर भी ना समझ में आये तो उसपर फिर कभी बात कर लेंगे। फिलहाल प्रत्यूशा और उसके जैसी अभिनेत्रियों की मौत के कारणों को समझने की कोशिश करते हैं। जो छोटे शहरों से निकल कर बड़ा काम करती है। शोहरत और पैसा कमाती हैं, सब ठीक-ठाक चल रहा होता है और अचानक पता चलता है कि उसकी मौत हो गई (आत्महत्या कर ली, हत्या हो गई या शीना बोरा की तरह) या गायब हो गयी।

आगा खाँ पैलेस : जहाँ बा बापू का साथ छोड़ गयीं

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :

पुणे के यरवदा इलाके में स्थित आगा खाँ पैलेस, देश के स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास बताने वाले प्रमुख स्मृति स्थलों में से एक है। मुख्य सड़क पर स्थित यह विशाल इमारत ब्रिटिश सत्ता से भारत के संघर्ष की कहानी सुनाता है। आगा खाँ पैलेस इसलिए खास है क्योंकि बापू ने यहाँ गिरफ्तारी (नजरबंदी) का लंबा वक्त गुजारा, साथ ही बापू के दो प्रिय लोग इसी इमारत में उनका साथ छोड़ गये।

जहाँ आकर मौत भी मुस्काराती है

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :

आज मैं आपको जबलपुर में बैठ कर अनिता की कहानी सुनाऊँगा। फिर सुनाऊँगा फेसबुक पर किसी की भेजी वो कहानी जिसका रिश्ता सीधे-सीधे अनिता की कहानी से जुड़ा है। 

नो नेक्स्ट प्रत्यूषा

आलोक पुराणिक, व्यंग्यकार  :

उफ्फ जैसे खिलता हुआ फूल खुद को ही तोड़ ले और अलग कर ले जिंदगी से। 

जिन्दगी की उम्मीद

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :

आज मुझे मिलना है जबलपुर के विराट हॉस्पिस में कैंसर के उन मरीजों से जिन्हें डॉक्टरों ने कह दिया है कि अब दवा नहीं सिर्फ दुआ का आसरा है। 

शेन वार्न से बढ़ कर कोई कोच नहीं दूजा

पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :

विश्व क्रिकेट में ऐसी कई शख्सियत रही हैं कुशाग्र मस्तिष्क की जिनसे उनके देश अधिकतम लाभ उठाने में असफल रहे हैं। मैं अपने करियर के दौरान जिनको जानता हूँ उनमें कर्नाटक के हरफनमौला सुब्रह्मण्यम, हैदराबादी एम एल जयसिम्हा, अशोक मांकड़ 'काका' और रवि शास्त्री ऐसे क्रिकेटर रहे हैं, जिनमें वह सब कुछ था जो एक चतुर कप्तान के लिए अपरिहार्य माना जाता है। लेकिन वे बोर्ड के कृपा पात्र नहीं थे इसलिए शास्त्री को अपवाद मान लें जिन्हें कप्तान के चोटिल होने से एकाध टेस्ट व एक दिनी में यह सुयोग हाथ लगा अन्यथा तो इनमें से किसी को देश की बागडोर नहीं सौंपी गयी।