देश मंथन डेस्क
मोहाली में ‘बल्लेबाजी देवता’ का ‘विराट’ करिश्मा

पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :
दो राय नहीं कि यह भारतीय गेंदबाजी थी कि जिसने पहले चार ओवरों में पिटने के बाद ऐसा जबरदस्त पलटवार किया कि कंगारू अंतिम 16 ओवरों में कुल जमा 107 रन ही जोड़ सके। टास हार कर पहले गेंदबाजी पर बाध्य भारतीयों के सम्मुख फिर भी ऐसे विकेट पर 161 का ऐसा लक्ष्य मिला था जो लगातार धीमी होती असमतल उछाल वाली पिच पर निस्संदेह चुनौतीपूर्ण स्कोर था और इसको पाने के लिए किसी एक स्पेशलिस्ट बल्लेबाज को डेथ ओवरों तक क्रीज में जमे रहना था।
जन्मों को होता है पति-पत्नी का रिश्ता

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
पांडव लाक्षागृह में बतौर मेहमान बुलाए गये थे और जब उसमें आग लग गयी तो वो फँस गये थे। कहीं से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। अब कोई करे भी तो क्या करे। लाक्षागृह धू-धू कर जल रहा था। युधिष्ठिर विचलित थे। अब इसमें से कोई कैसे बाहर निकले। सबकी आँखों में यही सवाल था।
रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण के लिए बजट दोगुना हुआ

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
- किफायती सफर के कारण रेल मंत्री का विद्युतीकरण पर खास जोर
- 1600 किमी इलेक्ट्रिक लाइनों पर परिचालन शुरू होगा इस साल
कब बजेगी शिलांग में रेल की सिटी

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
वह साल 2014 में 29 नवंबर का दिन था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेघालय के लिए पहली ट्रेन को झंडी दिखा कर रवाना किया। इसके साथ ही आजादी के छह दशक से अधिक समय बाद मेघालय देश के रेल नक्शे पर आ गया।
सलाम सचिन

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
शायद पच्चीस साल पुरानी बात है, हमारे अखबार के संपादक प्रभाष जोशी क्रिकेट का मैच देखने न्यूजीलैंड गये हुए थे। वहाँ से मैच का आँखों देखा हाल वो रोज जनसत्ता में छाप रहे थे। तब मैं जनसत्ता में उप संपादक के पद पर काम करने लगा था।
गिफ्ट उल्लास है, गिफ्ट हर्ष है

विकास मिश्रा, आजतक :
12 साल पहले की बात है। ठंड का सीजन था। मेरठ में 4-5 साल की एक बच्ची का जन्मदिन था, परिवार ने बड़े प्यार से बुलाया था। घर में बात चल रही थी कि गिफ्ट में क्या दिया जाए। गेम या ड्रेस, खिलौना या टैडी बीयर या फिर ढेर सारी चॉकलेट।
काँग्रेस : बस ‘टीना’ में ही जीना!

क़मर वहीद नक़वी, पत्रकार :
प्रशान्त किशोर ने काँग्रेस को एक 'क्विक फिक्स' फार्मूला दिया है। ब्राह्मणों को पार्टी के तम्बू में वापस लाओ। फार्मूला सीधा है। जब तक ब्राह्मण काँग्रेस के साथ नहीं आते, तब तक उत्तर प्रदेश में मुसलमान भी काँग्रेस के साथ नहीं आयेंगे। क्योंकि मुसलमान तो उधर ही जायेंगे, जो बीजेपी के खिलाफ जीत सके। मायावती के कारण अब दलित तो टूटने से रहे। तो कम से कम मुसलमान और ब्राह्मण तो काँग्रेस के साथ आयें! हालाँकि यह कोई नया फार्मूला नहीं है। उत्तर प्रदेश में तो चाय की चौपालों पर चुस्की मारने वाला हर बन्दा जानता है कि 2007 में ठीक इसी दलित-ब्राह्मण-मुसलमान की 'सोशल इंजीनियरिंग' से मायावती ने कैसे बहुमत पा लिया था।
करोड़ टके का सवाल : कंगारूओं से धोनी एंड कंपनी पार पा सकेगी?

पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :
बताने की जरूरत नहीं कि रविवार को मेजबान भारत और आस्ट्रेलिया के बीच मोहाली में होने वाला ग्रुप बी का अंतिम लीग मैच, 'जो जीते सो मीर' यानी टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज से दो-दो हाथ करने के लिए टिकट पाने का होगा। एक कठोर सच यह भी है कि धोनी की सेना के लिए मुकाबला किसी तेजाबी परीक्षण से कम नहीं।
शिलांग में लें उत्तर भारतीय खाने का स्वाद

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
वैसे तो मेघालय पूर्वोत्तर का वैसा राज्य है जहाँ ईसाई संस्कृति हावी है। पर यहाँ आपको उत्तर भारतीय भोजन का स्वाद लेने में कोई परेशानी नहीं आएगी। खास तौस पर शिलांग शहर में कई ऐसे भोजनालय और मिठाइयों की दुकानें है जहाँ पर उत्तर भारतीय भोजन का स्वाद ले सकते हैं।
अपनों के लिये जियें, सामान के लिये नहीं

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
दो हफ्ते बाद हम नये घर में शिफ्ट हो जाएँगे। नया घर, नया संसार।
पत्नी की वर्षों पुरानी मुराद पूरी हुई। हम एक ऐसे घर में शिफ्ट हो जाएँगे, जहाँ ज्यादा जगह होगी, जहाँ लिफ्ट होगी, जहाँ स्विमिंग पूल होगा, जहाँ अपना गार्डेन होगा। वो सब होगा, जिसकी उसे चाहत थी।



पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :
संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
विकास मिश्रा, आजतक :
क़मर वहीद नक़वी, पत्रकार :




