देश मंथन डेस्क
जेम्स हेडली चेज का ‘थ्रिलर’ भी पीछे छूटा, जबड़े से जीत छीन ली

पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :
अंतिम तीन गेंदों तक जीत रही टीम हार गयी...!!
वाकई यह जेम्स हेडली चेज के किसी भी थ्रिलर को मीलों पीछे छोड़ने वाला रोमांचक द्वंद्व था। एक टीम जो हारने के सारे जतन करती नजर आयी, जिसने प्रतिपक्षी टीम के रन बनाने वाले सभी बल्लेबाजों को जमने के पहले जीवनदान देने में कोताही नहीं की।
तुम्हारी गलती नहीं अफरीदी, विष के पेड़ में आम नहीं फलते

पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :
शाहिद अफरीदी एक बार फिर विवादों में घिर गये हैं। पहले तो उन्होनें टी-20 विश्वकप में भाग लेने के लिए भारतीय धरती पर कदम रखते ही यह बयान दे कर कि उनको तो अपने देश से भी ज्यादा प्यार भारत में मिलता है, पाकिस्तानियों के कोप भजन बने और फिर न्यूजीलैंड के साथ 22 मार्च को हुए मैच के पहले यह बयान दे कर कि उनको कोलकाता में काफी समर्थन मिला था और मोहाली में काफी कश्मीरी हमारे समर्थन में यहाँ पहुँचे हैं, अपनी आवाम के गुस्से को कम करने की कोशिश की। लेकिन इससे वो भारतीयों के निशाने पर फिर आ गये।
युद्ध में बहादुरी की दास्ताँ बयाँ करता एयरफोर्स म्यूजियम

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
मेघालय की राजधानी शिलांग भ्रमण के दौरान वायु सेना म्युजियम देखना न भूलें। वास्तव में शिलांग में वायु सेना के ईस्टर्न कमांड (पूर्वी कमांड) का मुख्यालय है। पूरे देश में वायु सेना के पाँच कमांड हैं। इसकी स्थापना 1958 में हुई थी। इस कमांड का युद्ध और शांति दोनों की काल में बहुत बड़ा योगदान रहता है। युद्ध के समय आर्मी को हर तरीके से मदद करना तो शांति काल में फंसे हुए लोगों की मदद करने में वायु सेना की बड़ी भूमिका रहती है।
हम और हमारा राष्ट्रवाद

संजय द्विवेदी, अध्यक्ष, जनसंचार विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय :
फकीरी यहाँ आदर पाती है और सत्ताएं लांछन पाती हैं।
देश में इन दिनों राष्ट्रवाद चर्चा और बहस के केंद्र में है। ऐसे में यह जरूरी है कि हम भारतीय राष्ट्रवाद पर एक नई दृष्टि से सोचें और जानें कि आखिर भारतीय भावबोध का राष्ट्रवाद क्या है? ‘राष्ट्र’ सामान्य तौर पर सिर्फ भौगोलिक नहीं बल्कि ‘भूगोल-संस्कृति-लोग’ के तीन तत्वों से बनने वाली इकाई है। इन तीन तत्वों से बने राष्ट्र में आखिर सबसे महत्वपूर्ण तत्व कौन सा है? जाहिर तौर पर वह ‘लोग’ ही होगें। इसलिए लोगों की बेहतरी, भलाई, मानवता का स्पंदन ही किसी राष्ट्रवाद का सबसे प्रमुख तत्व होना चाहिए।
शिलांग की चोटी- यहाँ से शहर को देखो

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
लेटकोर पीक यानी शिलांग पीक। यहाँ से पूरे शिलांग शहर का नजारा देखना अदभुत अनुभव है। चोटी से जो विहंगम नजारा दिखायी देता है उसे आप कभी भूल नहीं सकते। वास्तव में ये शिलांग की सबसे ऊँची जगह है।
इज्जत दो, इज्जत बढ़ेगी

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
ड्राइवर गाड़ी चला रहा था, मैं अपनी पत्नी के साथ पीछे बैठा था।
कल बहुत दिनों के बाद पत्नी के बार-बार कहने पर मैं नया मकान देखने जा रहा था। मैंने पहले भी आपको बताया है कि पत्नी का कहना है कि मुझे बड़े घर में शिफ्ट होना चाहिए। एक ऐसे घर में जहाँ मेरे सोने के लिए अलग कमरा हो, पढ़ने के लिए अलग। जहाँ चार मेहमान अगर आ जाएँ, तो हम ठीक से उनकी मेहमानवाजी कर पाएँ।
हरे-भरे पार्कों का शहर शिलांग

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
वार्ड लेक पार्क, बोटानिकल गार्डन, लेडी, हैदरी पार्क, एलिफैंट फाल्स पार्क जैसे तमाम सुंदर पार्कों से सुसज्जित शिलांग शहर को पार्कों का शहर कहें तो गलत नहीं होगा। इन पार्कों में सुबह की हवा दिलोदिमाग को काफी सुकुन पहुँचाती है।
माँ सत्य है, माँ सार्वभौमिक है

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
मैं अपनी माँ का बेटा हूँ।
कल मुझसे किसी ने पूछ लिया कि मेरी माँ का क्या नाम था। मैं थोड़ी देर तक सोचता रहा। मेरी माँ का नाम क्या था? क्या माँ का भी कोई नाम होता है? नाम तो पिता का होता है। पिता को नाम की जरूरत होती है। पिता को प्रमाण की जरूरत होती है। माँ तो सत्य है। माँ सार्वभौमिक है।
‘काली खेती’ का गोरखधन्धा!

क़मर वहीद नक़वी, पत्रकार :
अगर यह बात सच हो तो शायद यह UPA सरकार के दिनों का सबसे बड़ा घोटाला होगा! 'काली खेती' का घोटाला! लाखों अरब रुपये का घोटाला होगा यह। इतना बड़ा कि आप कल्पना तक न कर सकें! गिनतियों में उलझ कर दिमाग घनचक्कर हो जाये! छह सालों में यह छब्बीस करोड़ करोड़ रुपये का गड़बड़झाला है।
पलटन बाजार से पुलिस बाजार तक

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
गुवाहाटी से मेघालय की राजधानी शिलांग की दूरी सड़क मार्ग से तकरीबन 90 किलोमीटर है। नेशनल हाईवे नंबर 40 दोनों शहरों को जोड़ती है। यह सड़क अब हर मौसम के लिए मुफीद है। अगर आप बिना रूके चलें तो दो से ढाई घंटे में शिलांग पहुँच जाते हैं। गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पलटन बाजार वाले बस स्टैंड के आसपास से शिलांग के लिए टैक्सी और सूमो आदि मिलती हैं। अगर आप छोटी टैक्सी शेयरिंग में करते हैं तो किराया 300 रुपये है और सूमो में किराया 170 रुपये प्रति व्यक्ति है।



पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :
विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
संजय द्विवेदी, अध्यक्ष, जनसंचार विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय :
संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
क़मर वहीद नक़वी, पत्रकार :




