Saturday, March 28, 2026

देश मंथन डेस्क

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कराची बेकरी : अंडा रहित बिस्कुट का स्वाद

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

हैदराबाद के एबिड्स चौराहे पर आते जाते कराची बेकरी का विशाल बोर्ड नजर आता है। यह शहर की बहुत ही पुरानी और प्रसिद्ध बेकरी है। पुरानी विरासत के साथ अब यह बेकरी अपना विस्तार कर रही है। अब कंपनी ने दिलसुख नगर रोड पर अपनी ब्रांच खोली है। यही नहीं कराची बेकरी ने बनजारा हिल्स, चिकडपल्ली, नामपल्ली, हाईटेक सिटी, खारखाना (सिकंदराबाद) आदि में भी अपनी शाखाएँ खोल ली हैं।

क्या अब कायर और पलायनवादी भी योद्धा कहे जाएँगे!

अभिरंजन कुमार :

रोहित के साथ अगर कुछ गलत हुआ, तो उसकी पड़ताल करो। गुनहगारों को सजा दो। लेकिन प्लीज उसे हीरो मत बनाओ। क्या हम अपने बच्चों और नौजवानों को यह बताना चाहते हैं कि कोई आत्महत्या करके भी हीरो बन सकता है?

यदाद्रि के बाला जी – श्रीलक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद 2014 में तेलंगाना नया राज्य बना। पर देश का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध तिरूपति बाला जी का मंदिर अब आंध्र प्रदेश में रह गया। तब तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद से 62 किलोमीटर दूरी पर स्थित यदाद्रि के विष्णु मंदिर को भव्य रूप प्रदान करने का संकल्प लिया है। मंदिर का नाम श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी वारी देवस्थानम है। मंदिर का पुराना नाम यादगिरी गट्टा था पर अब इसे छोटे नाम यदाद्रि के नाम से जाना जाता है। यहाँ विष्णु का मंदिर पहाड़ियों पर स्थित है। खास तौर पर रात में मंदिर क्षेत्र की खूबसूरती देखते ही बनती है। 

आधुनिकता में अकेलापन

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

कल शाम मैं सिंगापुर के एक रेस्त्रां में बैठा था। 

मेरा मन पिज्जा खाने का था। आर्किड रोड पर हल्की बारिश के बीच मैंने उस इटालियन रेस्त्राँ में बैठ कर पिज्जा का ऑर्डर किया। मेरे ठीक बगल वाली मेज पर एक दंपति बैठे थे। उन्होंने भी पिज्जा ऑर्डर किया था। मैं मन ही मन सोच रहा था कि यहाँ के लोग कितने खुश रहते हैं। पति-पत्नी या दोस्त शाम को साथ घूमने निकलते हैं, साथ बैठते हैं, डिनर करते हैं। 

छात्र आंदोलन : खो गया है रास्ता

संजय द्विवेदी, अध्यक्ष, जनसंचार विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय : 

हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमूला की आत्महत्या की घटना ने हमारे शिक्षा परिसरों को बेनकाब कर दिया है। सामाजिक-राजनीतिक संगठनों में काम करने वाले छात्र अगर निराशा में मौत चुन रहे हैं, तो हमें सोचना होगा कि हम कैसा समाज बना रहे हैं? किसी राजनीति या विचारधारा से सहमति-असहमति एक अलग बात है, किंतु बात आत्महत्या तक पहुँच जाए तो चिंताएँ स्वाभाविक हैं।

चाहत में शिद्दत हो तो कुछ भी असंभव नहीं

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

मेरा नाम एंजो फेरारी नहीं है। मेरा नाम संजय सिन्हा है। 

पर एंजो फेरारी की माँ भी एंजो को वैसे ही कहानियाँ सुनाया करती थीं, जैसे मेरी माँ मुझे सुनाया करती थी।

विकास की बाँसुरी, फ़ासिस्ज़्म के तम्बू!

कमर वहीद नकवी, वरिष्ठ पत्रकार :  

रोहित वेमुला ने आत्महत्या क्यों की? वह कायर था? अवसाद में था? जिन्दगी से हार गया था? उसके मित्रों ने उसकी मदद की होती, तो उसे आत्महत्या से बचाया जा सकता था? क्या उसकी आत्महत्या के ये कारण थे? नहीं, बिलकुल नहीं।

बन-मस्का और ईरानी चाय का लुत्फ

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :

अपने देश भारत के कुछ शहरों में आप ईरानी चाय का लुत्फ ले सकते है। खास तौर पर तेलंगाना के हैदराबाद, तमिलनाडु के मदुरै, चेन्नई, मामल्लापुरम और रामेश्वरम जैसे शहरों में आपको ईरानी चाय के स्टाल देखने को मिल जाते हैं।

वादे इसीलिए करते हैं ताकि उन्हें पूरा कर सकें

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक : 

मेरे दफ्तर में कल एक लड़की मेरे पास आयी और उसने मुझसे पूछा कि आप किसी की शादी में शामिल होने पटना गये थे? 

“हाँ, मैं अपनी एक दोस्त के बेटे की शादी में शामिल होने पटना गया था।” 

हैदराबाद का बिरला मंदिर

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

हैदराबाद शहर के बीचों बीच स्थित है संगमरमर से बना विशाल वेंकटेश्वर मंदिर जिसे लोग बिरला मंदिर के नाम से भी जानते हैं। हैदराबाद के स्थानीय लोगों के बीच ये मंदिर आस्था का केंद्र है। देश भर में कई प्रमुख शहरों में बिरला परिवार द्वारा बनवाए गये मंदिर हैं जिन्हें लोग बिरला मंदिर के नाम से जानते हैं।