देश मंथन डेस्क
मनुष्य बली नहीं होत है धोनी भैया, समय होत बलवान

पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :
टीम संयोजन हाहाकारी, खुद की फिनिशर की साख गयी तेल लेने, कल्पनाशीलता किस चिड़िया का नाम है, नहीं जानते, फील्ड की जमावट माशाअल्ला, गेंदबाजों पर भरोसा नहीं! ऐसे में फिर क्या खा कर जीत की सोच भी सकते थे कागज पर देश के सफलतम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी। काल चक्र है प्रभु हमेशा ही सीधा नहीं घूमेगा कि जोगिंदर शर्मा और इशांत शर्मा जैसे पिटे गेंदबाज भी जीत दिलाते रहेंगे। समय बदल गया है रांची के राजकुमार साहब।
श्रीशैलम बांध – आंध्र और तेलंगाना को करता है आबाद

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
श्रीशैलम के बाद हमारी वापसी हो रही थी। महादेव के दर्शन के बाद एक खास तरह का संतोष था मन में, कई साल पुरानी इच्छा पूरी जो हो गयी थी। जाते वक्त चालक महोदय ने का था कि वापसी में डैम दिखाउँगा। सो अपने वादे के मुताबिक। वह रुक गये। पातालगंगा के पास हमलोग श्रीशैलम बांध देखने के लिए रुके। यहाँ पर एक व्यू प्वांइट है जहाँ से आप जलाशय का नजारा कर सकते हैं। फोटो खिंचवा सकते हैं। सभी आने जाने वाली गाड़ियाँ यहाँ रुकती हैं। हालाँकि आप बिना अनुमति के जलाशय के पास तक नहीं जा सकते।
जोधा-अकबर पेरेंट्स – टीचर मीटिंग में

आलोक पुराणिक, व्यंग्यकार :
अभी लौटा हूँ एक पीटीएम यानी पेरेंट्स टीचर मीटिंग से।
जरा कल्पना कीजिये, शाहजादा सलीम की पीटीएम यानी पेरेंट्स टीचर्स मीटिंग चल रही है। क्राफ्ट मैडम शिकायत कर रही है- जरा भी इंटरेस्ट नहीं दिखाता। क्राफ्ट क्लास में नहीं आता। कला का जरा सा भी एलीमेंट नहीं इसमें।
रिश्ते मन के भाव से सुधरते हैं

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
कल रात मुझे एक लड़की ने फोन किया और रोने लगी। मैं बहुत देर तक समझ नहीं पाया कि आखिर माजरा क्या है। मैं चुपचाप उस तरफ से रोने की आवाज सुनता रहा, फिर जब वो जरा शांत हुई, तो मैंने पूछा कि आप कौन हैं और क्यों रो रही हैं?
नल्लामल्ला पर्वत पर विराजते हैं मल्लिकार्जुन स्वामी (02)

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
देवों के देव महादेव। उनके मंदिर बने हैं देश के हर हिस्से में। अगर 12 ज्योतिर्लिंगों की बात करें तो इनमें से दक्षिण भारत में हैं। पहला रामेश्वरम और दूसरा श्रीशैलम में। शिव के बारह ज्योतिर्लिंग में दूसरे स्थान पर आते है श्रीशैलम के मल्लिकार्जन स्वामी। इसे दक्षिण में दिव्य क्षेत्रम माना जाता है। यहाँ पहुँच कर अद्भुत शांति और आनंद की अनुभूति होती है।
तलवार के साथ बुद्धि पर भी भरोसा हो

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :
इन दिनों व्हाट्सएप पर एक संदेश खूब चक्कर लगा रहा है-
“उन्होंने कंधार में प्लेन हाईजैक किया, हमने ‘जमीन’ मूवी में उसे छुड़ा लिया।
कच्चा तेल पानी से सस्ता होने को बेताब

राजेश रपरिया :
सहसा विश्वास नहीं होता है कि कच्चे तेल के दाम पानी से कम हो जायेंगे। लेकिन गोल्डमैन सैक्स की मानें तो वह दिन अब दूर नहीं है। सच तो यह है कि दुनिया के कुछ हिस्सों में यह करिश्मा अभी घट चुका है। एक बैरल में 158 लीटर होते हैं। यदि कच्चे तेल की कीमत 20 डॉलर प्रति बैरल हो जात है तो एक लीटर कच्चे तेल के दाम होंगे 8.50 रुपये यानि बोतलबंद पानी से भी कम। कुछ महीने पहले विश्व विख्यात निवेशक कंपनी गोल्डमैन सैक्स ने कच्चे तेल के दाम 20 डॉलर प्रति बैरल तक गिरने की भविष्यवाणी की थी। तब अधिकांश तेल विशेषज्ञों ने इसे हवा में उड़ा दिया था। यह तेल विशेषज्ञ मानने को तैयार नहीं थे कि कच्चे तेल के दाम 40-45 डॉलर प्रति बैरल से नीचे जा सकते हैं। पर नये साल की शुरुआत से अचानक ऐसे लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है जिन्हें अब गोल्डमैन सैक्स की भविष्यवाणी सच होती दिखायी दे रही है। असल में पिछले पाँच महीने काफी उठा-पटक के रहे हैं। कनेडियाई कच्चे तेल ने गोल्डमैन सैक्स की भविष्यवाणी को सच साबित कर दिया। समाप्त हफ्ते में बुधवार को इसके दाम 20 डॉलर से नीचे पहुँच गये।
सामना, शहादत और मातम!

संजय द्विवेदी, अध्यक्ष, जनसंचार विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय :
जग नहीं सुनता कभी दुर्बल जनों का शांति प्रवचन
पाकिस्तान के जन्म की कथा, उसकी राजनीति की व्यथा और वहाँ की सेना की मनोदशा को जान कर भी जो लोग उसके साथ अच्छे रिश्तों की प्रतीक्षा में हैं, उन्हें दुआ कि उनके स्वप्न पूरे हों। हमें पाकिस्तान से दोस्ती का हाथ बढ़ाते समय सिर्फ इस्लामी आतंकवाद की वैश्विक धारा का ही विचार नहीं करना चाहिए बल्कि यह भी सोचना चाहिए कि आखिर यह देश किस अवधारणा पर बना और अब तक कायम है? पाकिस्तान सेना का कलेजा अपने मासूम बच्चों के जनाजों को कंधा देते हुए नहीं काँपा (पेशावर काण्ड) तो पड़ोसी मुल्क के नागरिकों और सैनिकों की मौत उनके लिए क्या मायने रखती है।
श्रीमल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर – श्रीशैलम की ओर

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
महादेव शिव का दूसरा ज्योतिर्लिंग आंध्र प्रदेश के करनूल जिले में है। श्री मल्लिकार्जुन स्वामी का मंदिर श्रीशैलम में स्थित है। पर यहाँ पहुँचने का रास्ता भी अत्यंत मनोरम है। आप चाहे किसी भी रास्ते से जाएँ श्रीशैलम पहुँचने के लिए आपको 100 किलोमीटर घने जंगलों से होकर गुजरना होगा। इस मार्ग पर रात में चलना निषेधित है। इसलिए ये सफर दिन में ही करना पड़ता है।
खुद की इज्जत करने वाले दूसरों की भी इज्जत करते हैं

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
कई लोगों को अपनी तारीफ अच्छी नहीं लगती। कई लोग अपनी तारीफ सुन कर थोड़ा झेंप जाते हैं, लेकिन मुझे अपनी तारीफ पसंद है। मैं बहुत से अच्छे काम इसलिए करता हूँ ताकि मुझे तारीफ मिले।



पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :
विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
आलोक पुराणिक, व्यंग्यकार :
संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
राजेश रपरिया :
संजय द्विवेदी, अध्यक्ष, जनसंचार विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय :




