Sunday, March 29, 2026

देश मंथन डेस्क

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यादों में रचा बसा सोनपुर मेला

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

जब भी नवंबर महीना आता है देश के किसी भी कोने में रहूँ, सोनपुर मेला जरूर याद आता है। कार्तिक गंगा स्नान के साथ ही सोनपुर मेले के तंबू गड़ जाते हैं। गंगा स्नान के लिए नारायणी (गंडक) और गंगा के संगम पर लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है। पश्चिम की तरफ सोनपुर और पूरब की तरफ हाजीपुर में नदी तट  पर कई किलोमीटर तक श्रद्धालुओं की स्नान का पुण्यलाभ पाने के लिए भीड़ उमड़ती है। 

चाहत में शिद्दत हो, तो कुछ भी मिलेगा

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

मेरी मुलाकात बहुत से ऐसे लोगों से होती है, जिन्होंने जो चाहा पाया। बहुत से ऐसे लोगों से भी होती है, जो कुछ पाना चाहते तो थे, लेकिन नहीं पा सके।

बाबाजी का भोग

प्रेमचंद :

रामधन अहीर के द्वार पर एक साधु आकर बोला- बच्चा तेरा कल्याण हो, कुछ साधु पर श्रद्धा कर।

बच्चा बाबू का जहाज और एलसीटी सेवा

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

रेलवे स्टीमर के अलावा पटना और पहलेजा घाट के बीच लोगों के लिए दो और स्टीमर सेवा चलती थी। बाँस घाट से बच्चा बाबू की स्टीमर सेवा भी काफी लोकप्रिय थी। बच्चा बाबू सोनपुर के रईस थे, जिनकी निजी कंपनी बाँस घाट से पहलेजा घाट के बीच स्टीमर सेवा का संचालन करती थी।

जाने-अनजाने किसी का अपमान न करें

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

मेरे पास एक खबर आयी थी कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों - लालू यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी के सुपुत्र तेज प्रताप जी पटना की सड़कों पर घोड़े पर चल रहे हैं। मैंने पूरा वीडियो देखा। उसमें तेज प्रताप जी ने, जो अब खुद बिहार में मंत्री हैं, ने कहा कि लोग अगर घोड़े पर चलना शुरू कर दें, तो ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। लोगों के लिए कहीं आना-जाना भी आसान होगा।

जहाँ उम्मीद, वहीं जिन्दगी, जहाँ प्यार, वहीं संसार

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

आपने ये पढ़ा होगा कि ‘जहाँ उम्मीद है, वहीं जिन्दगी है’। आपने सुना होगा कि ‘जहाँ प्यार होता है, वहीं संसार होता है’।

यह कैसा ‘बचकाना न्याय’ है?

कमर वहीद नकवी, वरिष्ठ पत्रकार :  

लोग अब खुश हैं। अपराध और अपराधियों के खिलाफ देश की सामूहिक चेतना जीत गयी। किशोर न्याय (Juvenile Justice) पर एक अटका हुआ बिल पास हो चुका है। अब कोई किशोर अपराधी उम्र के बहाने कानून के फंदे से नहीं बच पायेगा। किसी अटके हुए बिल ने आज तक देश की 'सामूहिक चेतना' को ऐसा नहीं झकझोरा, जैसा इस बिल ने किया। जाने कितने बिल संसद में बरसों बरस लटके रहे, लटके हुए हैं। लोकपाल तो पचास साल तक कई लोकसभाओं में कई रूपों में आता-जाता, अटकता-लटकता रहा। देश की सामूहिक चेतना नहीं जगी। महिला आरक्षण बिल भी बरसों से अटका हुआ है। उस पर भी देश की 'सामूहिक चेतना' अब तक नहीं जग सकी है! और शायद कभी जगे भी नहीं!

पनिया के जहाज से पलटनिया बनी अइह सैंया..

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

पानी के जहाज पर पहला सफर भला कौन भूल सकता है। भोजपुरी में शारदा सिन्हा का लोकप्रिय गीत है...पनिया के जहाज से पलटनिया बनी अइह सैंया... तो पहले उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच पानी का जहाज ही चलता था।

तिरुवनमलै के शिव – अरुणाचलेश्वर महादेव

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

तमिलनाडु के जिले तिरुवनमलै में शिव का अनूठा मंदिर है। अनामलाई पर्वत की चोटी की तराई में इस मंदिर को अनामलार या अरुणाचलेश्वर शिव मंदिर कहा जाता है। शिव के इस मंदिर में हर माह की पूर्णिमा को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। खासतौर कार्तिक पूर्णिमा को विशाल मेला लगता है। श्रद्धालु यहाँ अनामलाई पर्वत की 14 किलोमीटर लंबी परिक्रमा करके शिव से कल्याण की मन्नत माँगते हैं। माना जाता है कि शिव का विश्व में सबसे बड़ा मंदिर है। कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण थेवरम और थिरुवासगम ने करवाया था।

मैं ‘माँ’ बनूँगा

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

आज मेरा एक बहुत बड़ा सपना पूरा होने जा रहा है। अब से कुछ देर बाद मुझे 'माँ' बनने का सौभाग्य मिलेगा।