Saturday, March 28, 2026

देश मंथन डेस्क

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यहाँ शिव और पार्वती करते हैं नृत्य – कैलाशनाथ मंदिर, कांचीपुरम

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

कांचीपुरम भ्रमण में हमारा आखिरी पड़ाव था कैलाशनाथ मंदिर। हमारे ऑटो वाले भाई ने कह दिया था कि यहाँ के बाद आपको बस स्टैंड छोड़ दूँगा। फिर मेरी सेवा समाप्त। सो हम कैलाश नाथ मंदिर को अच्छी तरह निहार लेना चाहते थे।

उनसे मिलें जो निराश हैं

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

मैं जिन दिनों जनसत्ता में काम करता था, मैंने वहाँ काम करने वाले बड़े-बड़े लोगों को प्रधान संपादक प्रभाष जोशी के पाँव छूते देखा था। शुरू में मैं बहुत हैरान होता था कि दफ्तर में पाँव छूने का ये कैसा रिवाज है। लेकिन जल्दी ही मैं समझने लगा कि लोगों की निगाह में प्रभाष जोशी का कद इतना बड़ा है कि लोग उनके पाँव छू कर उनसे आशीर्वाद लेना चाहते हैं। हालाँकि तब मैं कभी ऐसा नहीं कर पाया। 

आदमी भावनाओं से संचालित होता है, कारणों से नहीं

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

एक छोटा बच्चा हर सुबह आसमान में उगने वाले सूरज को देख कर अपने पिता से पूछा करता था कि ये रोशनी का गोला क्या है? पिता उसे बताते कि यह सूरज है और यह पृथ्वी के चक्कर लगाता हुआ हर सुबह तुम्हारे पास आता है और शाम को चला जाता है। शाम को यही काम चंद्रमा करता है। वो भी पृथ्वी के चक्कर लगाता हुआ तुम्हारे पास आता है और फिर सुबह चला जाता है। 

वज्रपात

प्रेमचंद :

दिल्ली की गलियाँ दिल्ली-निवासियों के रुधिर से प्लावित हो रही हैं। नादिरशाह की सेना ने सारे नगर में आतंक जमा रखा है। जो कोई सामने आ जाता है, उसे उनकी तलवार से घाट उतरना पड़ता है। नादिरशाह का प्रचंड क्रोध किसी भाँति शांत ही नहीं होता। रक्त की वर्षा भी उसके कोप की आग को बुझा नहीं सकती।

अति सुंदर नेत्रों वाली माँ – कांचीपुरम का कामाक्षी मंदिर

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

तमिलनाडु के मदुरै मे मीनाक्षी मंदिर है तो कांचीपुरम में कामाक्षी मंदिर। देवी कामाक्षी का मंदिर कांचीपुरम शहर के बीचों बीच स्थित है। हालाँकि ये मंदिर कांचीपुरम के बाकी मंदिरों की तरह विशाल परिसर वाला नहीं है। पर यह श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है। यहाँ सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। डेढ़ एकड़ में फैला ये मंदिर देवी शक्ति के तीन सबसे पवित्र स्थानों में एक है। मदुरै और वाराणसी अन्य दो पवित्र स्थल हैं।

रजाई (में) चिंतन

आलोक पुराणिक, व्यंग्यकार :

बहुत अन्याय हुआ इतिहास में कई आविष्कारकों के साथ।

आइए खूबियाँ ढूँढते हैं

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

मैंने कल लिखा था न कि मेरी मुलाकात दिल्ली वाले लड़के से होगी। 

वामन मंदिर कांचीपुरम- विष्णु की अदभुत प्रतिमा

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

कांचीपुरम शहर के बिल्कुल मध्य में कामाक्षी देवी मंदिर के पास ही वामन मंदिर स्थित है। वैसे तो इस मंदिर का परिसर बहुत बड़ा नहीं पर यह कांचीपुरम के अनूठे मंदिरों में से एक है। यहाँ भगवान विष्णु की अदभुत प्रतिमा देखने को मिलती है। भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण कर जिस असुर महाबली को हराया था, उसी की याद में उनका नाम वामन पड़ा था।

गोल्डेन बीच पर मस्ती भरी दुपहरिया

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

इस बार के चेन्नई प्रवास में हमने अपना एक दिन गोल्डेन बीच के नाम कर रखा था। ट्रेन से कांचीपुरम जाते समय मोबाइल से ही टिकट न्यूडाटकाम से गोल्डेन बीच की तीन टिकटें गोल्डेन क्राउन श्रेणी की बुक कर डाली। 17 अक्तूबर की दोपहर हम गोल्डेन बीच के प्रवेश द्वार पर थे। ईटिकट का स्क्रीन शाट दिखाकर पीआरओ काउंटर से अपना टिकट प्राप्त किया।

आँखों से सितारा बनते देखा

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

आज मैं दिल्ली के उस लड़के से फिर मिलूँगा जो लाखों-करोड़ों लोगों के लिए एक काल्पनिक संसार बन गया है। मैं उससे जब भी मिलता हूँ, यह सोच कर मन ही मन हैरान होता हूँ कि अगर वो वो नहीं होता तो क्या होता?