Saturday, March 28, 2026

देश मंथन डेस्क

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ऋषि अगस्त्य की भूमि पुडुचेरी

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :

तमिलनाडु के पास नन्हा सा राज्य पुडुचेरी या पांडिचेरी महान ऋषि अगस्त्य की भूमि मानी जाती है। वही अगस्त्य मुनि जो समुद्र को पी गये थे। जिन्होंने संसार की श्रेष्ठ भाषा तमिल का आविष्कार किया। हालाँकि पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश है पर यहाँ विधान सभा चुनाव कराये जाते हैं दिल्ली की तरह। पुडुचेरी का विस्तार कुल 479 वर्ग किलोमीटर में है। साल 2011 की जनगणना में पुडुचेरी की आबादी 12.48 लाख थी।

अनपेक्षित नहीं हैं बिहार के नतीजे : महागठबंधन की हर रणनीति कामयाब

अभिरंजन कुमार, पत्रकार :

लालटेन की रोशनी में तीर के सारे निशाने कमल पर सही लगे। यह रिजल्ट अनपेक्षित नहीं था। लोकसभा चुनाव के बाद पिछले साल 10 विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव के नतीजों से ही इसका संकेत मिल गया था। इस चुनाव के लिए भी महागठबंधन की तैयारी हर स्तर पर बीजेपी से बेहतर थी। मोदी और बीजेपी का हर राज जानने वाले प्रशांत किशोर की चाणक्य-बुद्धि भी महागठबंधन के काम आ गयी।

मुक्तिधन

प्रेमचंद :

भारतवर्ष में जितने व्यवसाय हैं, उन सबमें लेन-देन का व्यवसाय सबसे लाभदायक है। आम तौर पर सूद की दर 25 रु. सैकड़ा सालाना है। प्रचुर स्थावर या जंगम सम्पत्ति पर 12 रु. सैकड़े सालाना सूद लिया जाता है, इससे कम ब्याज पर रुपया मिलना प्रायः असंभव है।

सुहाना सफर : ईस्ट कोस्ट रोड का

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :

तमिलनाडु का स्टेट हाइवे नंबर 49 ईस्ट कोस्ट रोड के नाम से मशहूर है। वैसे तो लोग इसे ईसीआर के नाम से बुलाते हैं। इसीआर पर सफर करना ऐसा आनंदित करता है मानो ये सफर कभी खत्म न हो।

समय

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक : 

हजार जन्मों के चक्र से गुजरता हुआ मैं भी 'समय' के कालखंड पर मनुष्य के शरीर में मौजूद हूँ।

शुभ नहीं हैं 2016 के संकेत!

कमर वहीद नकवी , वरिष्ठ पत्रकार 

बिहार में सबकी साँस अटकी है! क्योंकि इस चुनाव पर बहुत कुछ अटका और टिका है! राजनीति से लेकर शेयर बाजार तक सबको बिहार से बोध की प्रतीक्षा है! किसी विधानसभा चुनाव से शेयर बाजार इतना चिन्तित होगा, कभी सोचा नहीं था। लेकिन वह इस बार वह बहुत चिन्तित है। इतना कि देश की तीन बड़ी ब्रोकरेज कम्पनियों ने खुद अपनी टीमें बिहार भेजीं! मीडिया की चुनावी रिपोर्टों पर भरोसा करने के बजाय खुद धूल-धक्कड़ खा कर भाँपने की कोशिश की कि जनता का मूड क्या है? क्यों भला?

आम आदमी के नये ताजमहल की कहानी

निर्देशक सुमित ऑजमंड शॉ की छोटी फिल्में सोशल मीडिया पर जबरदस्त ढंग से वायरल हो रही हैं। जर्मन दूतावास के लिए सुमित ऑजमंड शॉ की निर्देशित लघु फिल्म “लेबे जेट्ज कल हो ना हो” को यू-ट्यूब पर 10 लाख बार से ज्यादा देखा गया और अभी उनकी नयी फिल्म “द मैन हू बिल्ट ऐनदर ताज” को देखने वालों की संख्या 35 लाख को पार कर गयी है। उनकी वायरल हो रही फिल्मों और इस नये ऑनलाइन मंच के बारे में एक बातचीत। 

बापू और अंबेडकर के साथ पुडुचेरी की शाम

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :

अगर आप हिन्दुस्तान के इस छोटे से सुंदर से शहर पुडुचेरी में हैं तो शाम गुजारने के लिए गाँधी प्रतिमा से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती। न सिर्फ देशी बल्कि विदेशी लोग भी यहाँ घंटों फुरसतियाते मिल जाएँगे। गाँधी स्टैच्यू के दोनों तरफ पुडुचेरी में बने इस मरीन ड्राइव की लंबाई करीब 1.25 किलोमीटर है।

तैयारी खुशियों की

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक : 

वैसे तो माँ रोज पूरे घर को खूब साफ करती थी, लेकिन दिवाली के मौके पर वो एक-एक चीज को उठा कर साफ करती। घर के सारे पँखें साफ करती, पूरे घर को धोती।

बिहार चुनाव के नतीजे : संभावित संभावनाएँ

संदीप त्रिपाठी : 

बिहार विधानसभा के लिए सभी चरणों के मतदान संपन्न हो गये हैं। मतदान बाद के सर्वेक्षण भी आ चुके हैं। जिस सर्वेक्षण में जिस गठबंधन को बढ़त दिख रही है। उस गठबंधन के समर्थक उसी सर्वेक्षण को सही मान रहे हैं। अब इंतजार है नतीजों का। राजनीति संभावनाओं का खेल है और इसे असंतुलन को साधने की कला कहा जाता है। इस मोड़ पर एक विषय बहुत मौजू है कि कौन जीतेगा तो क्या होगा और कौन हारेगा तो क्या होगा। यहां पहले गालिब का एक शेर, फिर संभावनाओं पर बात -