Saturday, March 28, 2026

देश मंथन डेस्क

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मुरादें पूरी करती हैं माँ विंध्यवासिनी

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

शक्ति की देवी माँ विंध्यवासिनी का मन्दिर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के विंध्याचल में स्थित है। यह स्थान मुगलसराय से इलाहाबाद रेल मार्ग पर पड़ता है। इसे जागृत शक्ति पीठ माना जाता है। यह देश के 51 शक्तिपीठों में से एक है। आद्य शक्ति भगवती विंध्यवासिनी का विंध्य पर्वत माला में हमेशा से निवास स्थान रहा है। महाभारत के विराट पर्व में धर्मराज युद्धिष्ठिर ने माँ विंध्यवासिनी की स्तुति की है।

वो बात ना रही

आलोक पुराणिक, व्यंग्यकार :

अगर आपके मुँह से यह बात लगातार निकल रही हो तमाम चीजों को देखकर कि वो बात ना रही, तो समझिये कि आप बुजुर्ग हो रहे हैं या फिर आपके इर्द गिर्द लोगों के मुँह से यही निकल रहा हो कि वो बात नहीं रही, तो समझिये कि आपकी उठक बैठक बुजुर्गों में हो रही है।

बीमारू की राजनीति

संजय कुमार सिंह, संस्थापक, अनुवाद कम्युनिकेशन:   

बीमारू पर बड़ा कनफ्यूजन है। मुझे नहीं। कंफ्यूजन जानबूझकर पैदा किया जा रहा है। मोदी जी कह रहे हैं कि बिहार को बीमारू राज्य से बाहर निकालेंगे। मने बाकी को बीमारू ही रहने देंगे। जहाँ भाजपा की सरकार है उसे भी। आपको शायद ना मालूम हो पर झारखंड, छत्तीसगढ़ और राजस्थान भी बीमारू राज्य हैं। नीतिश कुमार मोदी की तरह होते तो बताते। लेकिन वो बुरा मान जाते हैं। झटका खा जाते हैं। मुझे नहीं लगता कि आम आदमी खासकर 80 के दशक में पैदा हुई आज की युवा पीढ़ी को बीमारू राज्य का मतलब भी पता है। अगर पता होता तो यह दावा ही नहीं किया जाता कि बिहार को बीमारू राज्य से अलग करेंगे। बिहार को बीमारू से अलग कर देंगे तो “मारू” बचेगा। और आप से वो नहीं संभलने वाला।

मन की बात

दीपक शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार :  

मन की बात करना पारदर्शिता नहीं है। सामने वाले का जवाब देना पारदर्शिता है।

कब जीना शुरू करेंगे

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

मेरे एक दोस्त के पिताजी ने मुझे बताया था कि उनके किसी मित्र ने रिटायरमेंट के बाद बिहार में पेंशन पाने के लिए न सिर्फ अपने कई जोड़े जूते घिस दिये, बल्कि उन्हें अपना हुलिया तक बदलवाना पड़ा। पूरी कहानी लिखूँगा लेकिन पहले आपको अपने साथ आज इटली की सैर कराऊँगा। 

रोज गार्डन चंडीगढ़ – फूल खिले हैं गुलशन-गुलशन

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

चंडीगढ़ शहर रॉक गार्डेन के अलावा रोज गार्डेन यानी गुलाबों के उद्यान के लिए भी जाना जाता है। गुलाबों का ये उद्यान चंडीगढ़ बस स्टैंड से थोड़ी दूरी पर ही सेक्टर-16 में स्थित है। खासकर वसंत के मौसम में यहाँ गुलाबों की क्यारियाँ जन्नत सा नजारा पेश करती हैं।

रियासत का दीवान

प्रेमचंद :

महाशय मेहता उन अभागों में थे, जो अपने स्वामी को प्रसन्न नहीं रख सकते थे। वह दिल से अपना काम करते थे और चाहते थे कि उनकी प्रशंसा हो। वह यह भूल जाते थे कि वह काम के नौकर तो हैं ही, अपने स्वामी के सेवक भी हैं। जब उनके अन्य सहकारी स्वामी के दरबार में हाजिरी देते थे, तो वह बेचारे दफ्तर में बैठे कागजों से सिर मारा करते थे। इसका फल यह था कि स्वामी के सेवक तो तरक्कियाँ पाते थे, पुरस्कार और पारितोषिक उड़ाते थे। और काम के सेवक मेहता किसी-न-किसी अपराध में निकाल दिये जाते थे। ऐसे कटु अनुभव उन्हें अपने जीवन में कई बार हो चुके थे; इसलिए अबकी जब राजा साहब सतिया ने उन्हें एक अच्छा पद प्रदान किया, तो उन्होंने प्रतिज्ञा की कि अब वह भी स्वामी का रुख देखकर काम करेंगे। और

दूसरी बड़ी सभ्यता रोम

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

जब आप मेरी पोस्ट पढ़ रहे होते हैं, मैं सातवें आसमान की सैर कर रहा होता हूँ। आप एक-एक पंक्ति पढ़ते हैं और मैं उस आसमान से आपके चेहरे की मुस्कुराहट को महसूस करता हूँ। फिर आप लाइक बटन दबाते हैं और मैं खुशी के मारे आसमान में ही नृत्य करने लगता हूँ। यही है प्यार। 

गोल्डेन बीच चेन्नई की तिलिस्मी दुनिया

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

चेन्नई शहर के बाहरी इलाके में स्थित है गोल्डेन बीच की तिलिस्मी दुनिया। चेन्नई घूमने वालों की यह खास पसन्द है। गोल्डेन बीच को आप तमाम हिन्दी और दक्षिण भारतीय फिल्मों में देख चुके हैं। यह निजी तौर पर विकसित किया गया समुद्र तट है जहाँ पर कई घंटे परिवार के साथ घूमने का आनन्द लिया जा सकता है।

इन बतछुरियों की काट ढूँढिए!

कमर वहीद नकवी, वरिष्ठ पत्रकार :  

पाकिस्तान है कि मानता नहीं! मुँह में बात, बगल में छुरी! इधर बात, उधर छुरी! हम बतकही करते हैं, पाकिस्तान बतछुरी करता है! हर बार यही होता है. इस बार भी यही हुआ। वहाँ उफा में बात हुई। यहाँ बधाईबाजों ने महिमा गान शुरू किया। इधर अभी साझा बयान पर इतराने की अँगड़ाई उठी ही थी कि उधर जवाब में सीमा पार से बन्दूकों की आतिशबाजी चल पड़ी। कहीं कोई कोर-कसर बाकी न रह जाये, कहीं बातचीत का 'असली' नतीजा समझने में कोई गलतफहमी न रह जाये, इसलिए उधर से सशरीर कई आतंकवादी तोहफे भी फटाफट भेज दिये गये। पूरे सबूतों के साथ कि वे सारे के सारे पाकिस्तानी ही हैं। लो, कर लो बात!