Friday, March 27, 2026

देश मंथन डेस्क

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चमत्कार

प्रेमचंद :

बी.ए. पास करने के बाद चन्द्रप्रकाश को एक टयूशन करने के सिवा और कुछ न सूझा। उसकी माता पहले ही मर चुकी थी, इसी साल पिता का भी देहान्त हो गया और प्रकाश जीवन के जो मधुर स्वप्न देखा करता था, वे सब धूल में मिल गये। पिता ऊँचे ओहदे पर थे, उनकी कोशिश से चन्द्रप्रकाश को कोई अच्छी जगह मिलने की पूरी आशा थी; पर वे सब मनसूबे धरे रह गये और अब गुजर-बसर के लिए वही 30) महीने की टयूशन रह गई।

अपराध बोध

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

मेरे बेटे को रास्ते में पाँच सौ रुपये का एक नोट गिरा हुआ मिला। उसने उस नोट को उठा कर जेब में रख लिया। लेकिन कुछ दूर जाकर वो वापस लौटा और उसने उस नोट को जेब से निकाल कर वहीं फेंक दिया।

रामेश्वरम में है डॉक्टर कलाम का घर

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :

रामेश्वरम चार धामों में से एक तो है ही, पर अब रामेश्वरम में एक और नया तीर्थ बन चुका है। वह पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम का घर। डॉ. कलाम का जन्म 1931 में रामेश्वरम से आगे धनुषकोडी में मछुआरों की बस्ती में हुआ था।

खुदाई फौजदार

प्रेमचंद :

सेठ नानकचन्द को आज फिर वही लिफाफा मिला और वही लिखावट सामने 

आयी तो उनका चेहरा पीला पड़ गया। लिफाफा खोलते हुए हाथ और ह्रदय

दोनों काँपने लगे। खत में क्या है, यह उन्हें खूब मालूम था। इसी तरह के

दो खत पहले पा चुके थे। इस तीसरे खत में भी वही धामकियाँ हैं, इसमें

उन्हें सन्देह न था। पत्र हाथ में लिये हुए आकाश की ओर ताकने लगे।

अलविदा

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक : 

मन था मुंबई ब्लास्ट पर लिखूँ। मन था कि याकूब को मिली फाँसी पर लिखूँ। कल देर रात दफ्तर में बैठा रहा, रात भर याकूब मेमन को बचाने की कोशिशों की खबरों का अपडेट करता रहा। सोचता रहा कि क्या लिखूँ।

कलाम साहब को ‘सशर्त श्रद्धाँजलियाँ’

सुशांत झा, पत्रकार :

मिथिला की एक लोककथा में एक ब्राह्मण का जिक्र आता है जो हर बात में मीन-मेख निकालता था। एक दिन पार्वती ने शिव से कहा कि हे महादेव मैं उस ब्राह्मण को भोजन पर निमंत्रित करना चाहती हूँ, वो मेरी पाक कला में कोई दोष नहीं ढ़ूँढ़ पायेगा।

देश का आठवाँ आश्चर्य है शेखावटी की हवेलियाँ

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

राजस्थान का शेखावटी इलाका अपनी हवेलियों के लिए जाना जाता है। शेखावाटी राजस्थान के सीकर, झुंझनू और चुरू  जिले आते हैं। वहीं ये इलाका देश में शिक्षा के बड़े केन्द्र के तौर पर भी जाना जाता है। अर्ध-रेगिस्तानी शेखावटी इलाका राव शेखाजी (1433-1488 ईस्वी) के नाम पर अस्तित्व में आया।

चुप्पी

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

सर्दी के दिन थे। बुआ आँगन में चटाई बिछा कर अपने पोते को सरसों का तेल लगा रही थी। हम ढेर सारे बच्चे वहीं छुपन छुपाई खेल रहे थे।

कुसुम

प्रेमचंद :

साल-भर की बात है, एक दिन शाम को हवा खाने जा रहा था कि महाशय नवीन से मुलाक़ात हो गयी। मेरे पुराने दोस्त हैं, बड़े बेतकल्लुफ़ और मनचले। आगरे में मकान है, अच्छे कवि हैं। उनके कवि-समाज में कई बार शरीक हो चुका हूँ। ऐसा कविता का उपासक मैंने नहीं देखा। पेशा तो वकालत; पर डूबे रहते हैं काव्य-चिंतन में। आदमी ज़हीन हैं, मुक़दमा सामने आया

फोर्ट कोच्चि – अतीत से साक्षात्कार

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :

स्टीमर से समन्दर पार करने के बाद फोर्ट कोच्चि पहुँचने पर बाईं तरफ चलते हुए आप किले की ओर बढ़ते हैं। फोर्ट कोच्चि में सोलहवीं सदी के कई निशान देखे जा सकते हैं। कई पुराने चर्च हैं यहाँ। मेटेनचेरी की सड़क पर चलते हुए आपको एंटिक वस्तुओं की सैकड़ों दुकानें दिखायी देती हैं। इनके ग्राहक खास तौर पर विदेशी नागरिक होते हैं।