Tag: Bihar
सबसे सुन्दर अशोक स्तंभ – लौरिया नन्दन गढ़

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
सम्राट अशोक द्वारा देश भर में 30 अशोक स्तंभ बनवाये जाने की चर्चा मिलती है। इसमें बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के लौरिया का अशोक स्तंभ प्रमुख है। पत्थर के बने इस स्तंभ के शीर्ष पर बैठे हुए शेर की आकृति बनी है। जो सम्राट अशोक के शासन काल में वीरता और वैभव का प्रतीक है।
भाजपा की मजबूती से डर कर एकजुट हुए लालू नीतीश : शाहनवाज

राजीव रंजन झा :
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राजद-जदयू-कांग्रेस गठबंधन की ओर से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किये जाने के बाद भाजपा की ओर से अब तक स्थिति साफ नहीं है कि वह बिहार के चुनाव में नेतृत्व का चेहरा घोषित करेगी या नहीं।
प्रकट सिया सुख दईया, जनकपुर में बाजे बधईया…

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
नेपाल का शहर जनकपुर विदेह राजा जनक की नगरी है। यहाँ पर माँ जानकी का विशाल मन्दिर है।
यही है जिन्दगी, यही है रिश्ता

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :
करीब 30 साल पहले मैं अपनी जन्मभूमि से दूर जा रहा था तब मेरी खुली आँखों में हजारों यादें सिमटी थीं।
मांझी से मजबूत होगा एनडीए

अभिरंजन कुमार :
जीतनराम मांझी के शामिल होने का फायदा एनडीए को निश्चित रूप से होगा और नीतीश कुमार को नेता घोषित करने का नुकसान निश्चित रूप से कांग्रेस-आरजेडी-जेडीयू-एनसीपी-कम्युनिस्ट गठबंधन को होगा।
नीतीश के लिए चुनौती, लालू के लिए अवसर

श्रीकांत प्रत्यूष, संपादक, प्रत्यूष नवबिहार :
जेपी के दायें-बाएँ खड़े रहनेवाले उनके दोनों चेले लालू-नीतीश सत्ता के लिए आपस में पिछले दो दशक से लड़ते रहने के वावजूद अगर आज एकसाथ खड़े हैं तो बिहार की राजनीति तो बदलेगी ही।
इक्कीसवीं सदी और कोईलवर का पुल

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
1857 में देश का पहला स्वतंत्रता संग्राम हुआ और उसके ठीक पाँच साल बाद पटना और आरा के बीच सोन नदी पर कोईलवर पुल का उद्घाटन हुआ। ये एक रेल सह सड़क पुल है।
क्या ब्लैकमेल हो गये लालू?

अभिरंजन कुमार :
पूरी तरह से मर चुकी कांग्रेस और अधमरे जेडीयू ने बिहार में लालू यादव को ब्लैकमेल कर लिया। सच्चाई यह है कि चारा घोटाले में सज़ायाफ़्ता होने और 15 साल तक जंगलराज चलाने के आरोपों के बावजूद लालू यादव का जनाधार नीतीश की तरह क्षीण नहीं हुआ है।
नीतीश की उम्मीदवारी, लालू का दाँव, भाजपा की मुश्किल

संदीप त्रिपाठी :
राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मौजूदगी में जनता परिवार के नामित मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा बिहार चुनाव में मुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार के नाम का ऐलान कर दिये जाने के बाद बिहार चुनाव में खेमों का परिदृश्य आकार ले चुका है।
उप्र चुनाव तक जनता परिवार का विलय मुश्किल

जनता परिवार के छह धड़ों का क्या विलय होगा? विलय की राह में दिक्कतें क्या हैं? विलय अगर हुआ तो कब तक संभावना है? बिहार में जनता दल यू और राष्ट्रीय जनता दल में गठबंधन होगा या नहीं और क्यों? गठबंधन का चुनावों पर क्या असर होगा। देश मंथन की ओर से राजीव रंजन झा ने वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक अजय उपाध्याय से इन मुद्दों पर बात की। पेश हैं इस बातचीत के कुछ अंश...



विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
राजीव रंजन झा :
संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :
अभिरंजन कुमार :
श्रीकांत प्रत्यूष, संपादक, प्रत्यूष नवबिहार :
संदीप त्रिपाठी : 





