Tag: Vidyut Prakash Maurya
अभेद्य रहा है वेलोर का किला

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
महालक्ष्मी मंदिर के दर्शन के बाद हम वापसी को चल पड़े हैं। हमारी ट्रेन काटपाडी जंक्शन से है चेन्नई के लिए वैगेई एक्सप्रेस। श्रीपुरम से काटपाडी कोई 18 किलोमीटर है ऑटोवाले 180 रुपये माँग रहे हैं। हमें सलाह दी गयी थी, कि बस से न्यू बस स्टैंड पहुँचे फिर वहाँ से दूसरी बस लें। हमें मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर से न्यू बस स्टैंड के लिए बस मिल गयी। बस पूरे वेलोर शहर के चक्कर काटती हुई न्यू बस स्टैंड पहुँचती है। रास्ते में आता है वेलोर का किला यानी वेलोर फोर्ट।
तमिलनाडु में हिंदी विरोध की दरकती दीवार

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
चेन्नई और आसपास के शहरों में घूमते हुए कहीं भी हिंदी विरोध का आभास नहीं हुआ। कई दिनों के तमिलनाडु प्रवास के दौरान जगह-जगह तमाम तमिल लोगों से संवाद करने का मौका मिला। ज्यादातर लोग हिंदी समझ लेते हैं। जवाब देने की भी कोशिश करते हैं। चेन्नई शहर के बस वाले आटो वाले हिंदी में उत्तर दे देते हैं।
भेंट द्वारका में हुआ कृष्ण और सुदामा का मिलन

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
भेंट द्वारका नगरी द्वारका से 35 किलोमीटर आगे है। यहाँ कृष्ण का अति प्राचीन मंदिर है। भेंट द्वारका इसलिए क्योंकि यहीं पर कृष्ण की अपने बाल सखा सुदामा से भेंट हुई थी। दरिद्र ब्राह्मण सुदामा अपनी पत्नी के कहने पर अपने बचपन के मित्र और द्वारका के राजा कृष्ण के पास पहुँचे थे। यहाँ भी ऐतिहासिक द्वारकाधीश का मंदिर है।
गोल्डेन टेंपल वेलोर (महालक्ष्मी मंदिर) का दर्शन

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
हमारी ट्रेन वेलोर कैंट रेलवे स्टेशन पर बिल्कुल समय पर पहुँची। ये एक छोटा सा स्टेशन है, वेलोर शहर का। वैसे वेलोर का बड़ा और मुख्य स्टेशन काटपाडी जंक्शन है। पर वेलोर कैंट से महालक्ष्मी मंदिर की दूरी महज 7 किलोमीटर है और काटपाडी जंक्शन से 16 किलोमीटर है। लिहाजा हमारी ट्रेन में सहयात्री सरवनन जी ने बता दिया था कि आप वेलोर ही उतर जाएँ।
विश्वकर्मा ने 24 घंटे में बनवाया- द्वारकाधीश का मंदिर

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
भगवान कृष्ण अपने यादव परिवार के साथ मथुरा छोड़ कर सौराष्ट्र आ जाते हैं। वे अपने बसेरे के इंतजाम के लिए समुद्र के किनारे घूम रहे थे। तभी उन्हें यहाँ की भूमि से लगाव हो जाता है। फौरन विश्वकर्मा जी को बुलाया गया और अपनी राजधानी यहीं बनाने का इरादा जताया।
यादों में रचा बसा सोनपुर मेला

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
जब भी नवंबर महीना आता है देश के किसी भी कोने में रहूँ, सोनपुर मेला जरूर याद आता है। कार्तिक गंगा स्नान के साथ ही सोनपुर मेले के तंबू गड़ जाते हैं। गंगा स्नान के लिए नारायणी (गंडक) और गंगा के संगम पर लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है। पश्चिम की तरफ सोनपुर और पूरब की तरफ हाजीपुर में नदी तट पर कई किलोमीटर तक श्रद्धालुओं की स्नान का पुण्यलाभ पाने के लिए भीड़ उमड़ती है।
पनिया के जहाज से पलटनिया बनी अइह सैंया..

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
पानी के जहाज पर पहला सफर भला कौन भूल सकता है। भोजपुरी में शारदा सिन्हा का लोकप्रिय गीत है...पनिया के जहाज से पलटनिया बनी अइह सैंया... तो पहले उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच पानी का जहाज ही चलता था।
तिरुवनमलै के शिव – अरुणाचलेश्वर महादेव

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
तमिलनाडु के जिले तिरुवनमलै में शिव का अनूठा मंदिर है। अनामलाई पर्वत की चोटी की तराई में इस मंदिर को अनामलार या अरुणाचलेश्वर शिव मंदिर कहा जाता है। शिव के इस मंदिर में हर माह की पूर्णिमा को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। खासतौर कार्तिक पूर्णिमा को विशाल मेला लगता है। श्रद्धालु यहाँ अनामलाई पर्वत की 14 किलोमीटर लंबी परिक्रमा करके शिव से कल्याण की मन्नत माँगते हैं। माना जाता है कि शिव का विश्व में सबसे बड़ा मंदिर है। कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण थेवरम और थिरुवासगम ने करवाया था।
महाबलीपुरम – यहाँ पत्थर बोलते हैं…

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
महाबलीपुरम शहर में आप जहाँ भी घूमें हर गली और नुक्कड़ पर मूर्तियों की दुकानें नजर आती है। नन्ही मूर्तियों से लेकर विशालकाय मूर्तियों तक। ये मूर्तियाँ यहीं के मूर्तिकार बनाते हैं। कई दुकानों पर तो मूर्तिकार आपको काम करते हुए दिखायी दे जाते हैं। अहले सुबह सूरज उगने के साथ काम शुरू होता है, देर रात तक छेनी हथौड़ी पर काम चलता रहता है।
महाबलीपुरम का लाइट हाउस

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
बस स्टैंड से पंच रथ के रास्ते में महाबलीपुरम का लाइट हाउस भी पड़ता है। आप इस पर चढ़ायी भी कर सकते हैं। इस 42 मीटर ऊंचे लाइट हाउस के लिए प्रवेश टिकट है। लाइट हाउस समुद्र में चलने वाले नाव और जहाज को रास्ता दिखाने के मकसद से बनाया जाता है। साल 2011 में इस सैलानियों के लिए खोला गया।



विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 





