देश मंथन डेस्क
न्यू जलपाईगुड़ी से गुवाहाटी – कंचनजंगा एक्सप्रेस से

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
न्यू जलपाईगुड़ी से गुवाहाटी के मार्ग में बंगाल का दुआर्स इलाका आता है। इस रास्ते में सुंदर चाय के बगान नजर आते हैं। फकीराग्राम से पहले श्रीरामपुर असम नामक स्टेशन पर ट्रेन असम में प्रवेश कर जाती है। ये असम का बोडोलैंड वाला इलाका है। इस बार मैं कंचनजंगा एक्सप्रेस में हूँ। कोलकाता से चलने वाली इस लंबी दूरी की ट्रेन में सिटिंग क्लास भी है। संयोग से मुझे सिटिंग क्लास में ही आरक्षण मिल पाया।
रिश्तों में ईमानदारी रखें

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
मैं रिश्तों की कहानियाँ लिखता हूँ। जो मुझसे मिलता है, मैं उसे बताता हूँ कि एक दिन आदमी के पास सबकुछ होगा, लेकिन वो तन्हा होगा। मैं जहाँ जाता हूँ, सबसे यही कहता हूँ कि अपने रिश्तों को पहचानिए, उनकी कद्र कीजिए। रिश्ते हैं, तो सब-कुछ है।
मेघालय यानी बादलों का घर

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
मेघालय यानी मेघों (बादलों) का घर। घर इसलिए की सबसे ज्यादा बारिश वाला इलाका चेरापूंजी मेघालय में ही आता है। 21 जनवरी 1972 को ये छोटा सा राज्य अस्तित्व में आया। साल 2011 की जनगणना में आबादी 30 लाख के करीब है। इसकी सीमाएँ असम और बांग्लादेश से लगती हैं।
प्यार के दीप

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
कभी-कभी हर आदमी की इच्छा अतीत में लौटने की होती है।
रिश्ते दिल मिला कर बनते हैं

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
मेरी शादी तय हो चुकी थी। मुझे पता था कि मेरी होने वाली पत्नी का नाम दीपशिखा है। पर आगे क्या?
वसंत पंचमी के दिन नहीं हुआ था बीएचयू का शिलान्यास

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सौ साल
हर साल वसंत पंचमी के दिन काशी हिंदू विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस मनाया जाता है पर वास्तव में देश के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालय का नींव पत्थर जिस दिन रखा गया उस दिन वसंत पंचमी नहीं थी। बीएचयू का नींव पत्थर चार फरवरी 1916 को एक बड़े समारोह में रखा गया।
कब आएगा रेलवे मानचित्र पर गंगटोक…

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
गगंटोक से वापस लौट रहा हूँ। देवराली से ही टैक्सी बुक करता हूँ। यहाँ से वापसी का टैक्सी का फिक्स किराया है 200 रुपये। पर टैक्सी भरने पर ही चलती है। कोई टाइमटेबल नहीं है। टाइम टेबल से सिक्किम रोडवेज की बसें चलती हैं। मिनी बसों में किराया 160 रुपये है। बसें भी सुरक्षित और आरामदायक हैं। पर उनका चलने का समय निश्चित है।
फूट डालो, फ्रूट खा लो” की नीति पर चलते हैं पढ़े-लिखे लोग!

अभिरंजन कुमार, पत्रकार :
कोई अगर "भारत माता की जय" या "वन्दे मातरम्" नहीं बोलता, तो न बोले, पर ऐसा भी न कहे कि मेरी गर्दन पर चाकू रख दोगे, तो भी नहीं बोलूँगा। न ही कोई सचमुच इस बात के लिए उसकी गर्दन पर चाकू रख दे कि बोलोगे कैसे नहीं?
दिल में दिमाग वालों से डर लगता है

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
बहुत साल पहले हम पटना से भोपाल एक शादी में शामिल होने गए थे। मैं, मेरा छोटा भाई, मेरी बहन, मेरे चचेरे, ममेरे, फुफेरे और ढेरों भाई-बहन हम वहाँ उस शादी में मिले थे। हम बच्चों का दिल आपस में ऐसा लग गया था कि हमें लगता था कि ये शादी कभी खत्म ही न हो।
देश में संघ से बड़ा राष्ट्र भक्त कौन है

पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :
जमीयत उलेमा-ए-हिंद का देश की राजधानी में हुआ एकता सम्मेलन और कुछ नहीं अपने दुश्मन नंबर एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसकी विचारधारा के ध्वज वाहक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खिलाफत का मंच था, जहाँ इस संगठन के सदर मदनी साहब ने पानी पी-पी कर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हनन के नाम पर सरकार को कोसा तो एकता के नाम पर देश तोड़ने वाली हरकतों के लिए संघ को जिम्मेदार ठहराया।



विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
अभिरंजन कुमार, पत्रकार :
पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :




