देश मंथन डेस्क
मोदी-शाह की रणनीतिक विफलता ने विपक्ष को किया एकजुट

संजय द्विवेदी, अध्यक्ष, जनसंचार विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय :
बिहार चुनाव के परिणामों से सारे देश की राजनीति में एक उबाल आ गया है। इस परिणाम ने जहाँ पस्तहाल विपक्ष को संजीवनी दी है वहीं भाजपा को आत्मचिंतन और आत्मावलोकन का एक अवसर बहुत जल्दी उपलब्ध करा दिया है।
इतना बड़ा माखन कान्हा ने खाया

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
मैया मोरी मैंने ही माखन खायो। बार-बार यशोदा के पूछने पर आखिर कान्हा को मानना ही पड़ा था कि माखन उन्होंने ही खाया। लेकिन आखिर कान्हा का माखन कितना बड़ा था। इसका जवाब मिलता है महाबलीपुरम में आकर। महाबलीपुरम के बस स्टैंड के पीछे की तरफ पहाड़ियों पर एक गोल सा पत्थर दिखायी देता है।
देश के सात अजूबों में एक समुद्र तटीय मंदिर

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
समुद्र तटीय मंदिर तमिलनाडु के महाबलीपुरम का सबसे खास आकर्षण है। इसे देश के सात अजूबों में गिना जाता है। साथ ही यूनेस्को द्वारा विश्वदाय स्मारकों की सूची में भी 1984 से ही शामिल है। समुद्र तटीय मंदिर को दक्षिण भारत के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है। यह आठवीं शताब्दी में निर्मित है और वास्तुकला की दृष्टि से भी अद्भुत है। वास्तव में ये स्थान पल्लव नरेशों की शिल्प साधना का अमर स्मारक है। यहाँ समुद्र तट पर द्रविड़ वास्तुकला के आधार पर तीन मंदिर बनाये गये हैं। केंद्र में भगवान विष्णु का मंदिर है, जबकि उसके दोनों ओर शिव मंदिर हैं।
अपनी बचाऊँ कि ये सोचूँ कि सरकार क्या कर रही है

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :
आज अपनी बात कहने के लिए मैं एक चुटकुले का सहारा ले रहा हूँ, लेकिन मैं जो लिखने जा रहा हूँ वो चुटकुला नहीं। वो बेहद संजीदा विषय है, इसलिए मेरा आपसे अनुरोध है कि आपमें से अगर किसी को चुटकुले पर आपत्ति हो, तो मुझे माफ कर दें।
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कांग्रेसजनों देश की प्रगति में हाथ बंटाओं

पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :
सोनिया और राहुल गाँधी ने जब यह आरोप लगाया कि नेशनल हेराल्ड वाले मामले में प्रधानमंत्री और भाजपा सरकार ने साजिशन उन्हें फँसाया है और वर्तमान एनडीए सरकार विरोधी दलों को मिटाना चाहती है तब मीडिया के मुँह में पाला क्यों मार गया था? मौके पर मौजूद रिपोर्टस ने क्यों नहीं माँ-बेटे से पूछा कि यह मामला तो तीन साल पुराना है और तब तो केंद्र और दिल्ली में आपकी ही सरकार थी, तो इसे भाजपा का किया धरा कैसे कहा जा रहा है?
बलात्कारी को कौन रोकेगा?

सुशांत झा, पत्रकार :
निर्भया मामले में बाल अपराधी की उम्र को लेकर बहस हो रही है, मेरे ख्याल से इसे कम करने की जरूरत है। कम से कम बलात्कार और हत्या जैसे मामलों में तो जरूर। 18 साल सरकार चुनने की उम्र तो हो सकती है, लेकिन बलात्कार या हत्या के प्रति अनभिज्ञ रहने की नहीं। इस सूचना विस्फोट के युग में 18 साल की उम्र में कोई व्यक्ति वैसा बालक भी नहीं रहता-जी हाँ वो गरीब का बच्चा भी नहीं जिसके बारे में कई लोग कह रहे हैं कि गरीबी और जहालत के हालात ने उसे बलात्कार करने पर मजबूर किया होगा। मुझे लगता है कि किसी गरीब या अनपढ़ का इससे बड़ा अपमान क्या होगा?
शतरंज के खिलाड़ी

प्रेमचंद :
वाजिदअली शाह का समय था। लखनऊ विलासिता के रंग में डूबा हुआ था। छोटे-बड़े, गरीब-अमीर सभी विलासिता में डूबे हुए थे। कोई नृत्य और गान की मजलिस सजाता था, तो कोई अफीम की पीनक ही में मजे लेता था। जीवन के प्रत्येक विभाग में आमोद-प्रमोद का प्राधान्य था। शासन-विभाग में, साहित्य-क्षेत्र में, सामाजिक अवस्था में, कला-कौशल में, उद्योग-धंधों में, आहार-व्यवहार में सर्वत्र विलासिता व्याप्त हो रही थी। राजकर्मचारी विषय-वासना में, कविगण प्रेम और विरह के वर्णन में, कारीगर कलाबत्तू और चिकन बनाने में, व्यवसायी सुरमे, इत्र , मिस्सी और उबटन का रोजगार करने में लिप्त थे। सभी की आँखों में विलासिता का मद छाया हुआ था। संसार में क्या हो रहा है, इसकी किसी को खबर न थी।
मनमोहक महाबलीपुरम की ओर

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
दिन भर गोल्डेन बीच पर मस्ती करके हम थक चुके थे। बाहर निकल कर क्लाक रूम से अपना सामान रीलिज कराया और बस स्टाप पर आकर बैठ गये। ईस्ट कोस्ट रोड पर गोल्डेन बीच के प्रवेश द्वार के पास ही बस स्टैंड है। हमारे साथ कुछ विदेशी सैलानी भी महाबलीपुरम के लिए बस का इंतजार कर रहे थे।
ऊँचाई सिर्फ अहसास है

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :
आप जानते हैं कि पृथ्वी पर सबसे ऊँची कोई जगह है तो वो है माउंट एवरेस्ट।
‘बीमार’ मुख्यमंत्री की भाषा

पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दु:साध्य ब्लड शुगर नें कहीं उनके दिमाग पर तो असर नहीं डाल दिया?



संजय द्विवेदी, अध्यक्ष, जनसंचार विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय :
विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :
पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :
सुशांत झा, पत्रकार :
प्रेमचंद :




