Saturday, March 28, 2026

देश मंथन डेस्क

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गली कासिम जान- गालिब की हवेली

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :

पुरानी दिल्ली में चाँदनी चौक से फतेहपुर मस्जिद की ओर बढ़ते हुए गुरुद्वारा शीशगंज और नयी सड़क के बाद बायीं तरफ आता है बल्लीमारान। वैसे तो बल्लीमारान आज की तारीख में चश्मे और जूते चप्पलों को बड़ा बाजार है। पर इन्ही बल्लीमारान की गलियों में थोड़ी दूर चलने पर आपको गली कासिम जान का बोर्ड नजर आता है। इस बोर्ड को देखकर कुछ याद आने लगता है।  

बिहार चुनाव : एक दृष्टिकोण

सुशांत झा, पत्रकार : 

कई बार पोस्ट की टिप्पणियाँ पोस्ट की नानी साबित होती हैं! मेरे पिछले पोस्ट पर एक टिप्पणी आयी कि बिहार में जो भी सरकार बनेगी वो एक कमजोर सरकार होगी लेकिन विपक्ष मजबूत होगा। ऐसा हो सकता है।

प्यार का बंधन

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक : 

जब मैं छोटा बच्चा था, कभी-कभी मैं माँ को परेशान करने के लिए पलंग के नीचे छिप जाता। माँ मुझे ढूँढती, आवाज देती और फिर इधर-उधर पूछना शुरू कर देती। 

पैकेज की मुहब्बत

आलोक पुराणिक, व्यंग्यकार :

एसएमएस भेजने के एक नियम के मुताबिक, रियायती पैक लेने वाले अगर एक फोन नंबर से एक दिन में 100 से अधिक एसएमएस भेजेंगे, तो उन्हें हर एसएमएस के लिए 50 पैसे चुकाने होंगे।

श्रीमती गाँधी की हत्या और क्रिकेट सिरीज रद्द

पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :

आज 31 अक्तूबर है, जो भारतीयों को मिश्रित अनुभूति देता है। एक ओर हैं देश को एकता के सूत्र पिरोने वाले लौह पुरुष सरदार पटेल, जिनका कि आज जन्मदिन है और जिसे यादगार बना दिया मोदी सरकार ने देश में एकता दौड़ के आयोजन से तो दूसरी ओर आज ही इंदिरा गाँधी का शहादत दिवस भी है।

जिन्दगी को फुल मस्ती में जीते हैं सरदार

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

एक ट्रेन में दो दोस्त यात्रा कर रहे थे। दोनों दोस्त एक दूसरे को चुटकुले सुना रहे थे, और हँसते हुए चले जा रहे थे। उनके सामने वाली सीट पर क्योंकि एक सरदार जी यात्रा कर रहे थे, इसलिए दोनों दोस्त संता सिंह और बंता सिंह वाले चुटकुलों में से सरदार शब्द हटा देते और खुशी से चुटकुले सुनाते, हँसते, खिलखिलाते।

वादों से बिजली

 

आलोक पुराणिक, व्यंग्यकार :

अगर वादों, नारों से बिजली बनाना संभव होता, तो बिहार पूरे देश को बिजली सप्लाई करने जितनी बिजली बना पाने में समर्थ हो जाता। बिहार में वादे ही वादे सब तरफ से गिर रहे हैं। चुनाव आम तौर पर वादा महोत्सव होते हैं, पर बिहार विधानसभा चुनाव तो सुपर-विराट-महा-वादा महोत्सव हो लिये हैं।

मुगल बादशाह के स्वागत में बना था जहाँगीर महल

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

अत्यंत भव्य जहाँगीर महल ओरछा के राजमहल का प्रमुख हिस्सा है। इस महल का एह हिस्सा शीशमहल होटल में तब्दील कर दिया गया है। जहाँगीर महल के बारे कहा जाता है कि  इस भव्य महल को ओरछा के राजा वीर सिंह देव प्रथम (1505 से 1527) ने शहंशाह जहाँगीर के स्वागत में बनवाया था।

ओरछा : राजा राम का मंदिर

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : 

देश में राजा रामचंद्र का एक ऐसा मंदिर है, जहाँ राम की पूजा भगवान के तौर पर नहीं बल्कि राजा के रूप में की जाती है। अब राजा राम हैं तो उन्हें सिपाही सलामी भी देते हैं। हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में स्थित ओरछा के राजा राम मंदिर की। यहाँ राजा राम को सूर्योदय के पूर्व और सूर्यास्त के पश्चात सलामी दी जाती है। इस सलामी के लिए मध्य प्रदेश पुलिस के जवान तैनात होते हैं।

मन का भाव

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :

मुझे एकदम ठीक से याद है कि इस विषय पर मैं पहले भी लिख चुका हूँ। पर क्या करूँ, हर साल जब मैं ऐसी स्थिति में फंसता हूँ, तो मुझे एक-एक कर सारी घटनाएँ फिर से याद आने लगती हैं और मैं चाह कर भी अपने अफसोस को छुपा नहीं पाता।