पवार कभी गरम कभी नरम
अखिलेश शर्मा, वरिष्ठ संपादक (राजनीतिक), एनडीटीवी :
देश के सबसे खांटी राजनेताओं में से हैं शरद पवार। उनके मन की थाह पाना असंभव है।
केजरीवाल पर पढ़ी कविता नीरज कुमार ने
अखिलेश शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार :
इंडिया टुडे के कार्यक्रम में अरविंद केजरीवाल चार्टर प्लेन से पहुँचे। वहाँ उन्हें कई खट्टे-मीठे अनुभव हुए। पर सबसे मज़ेदार रहा दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार का कविता पाठ।
बीजेपी को संघ पढ़ा रहा है राजनीति का ककहरा
पुण्य प्रसून बाजपेयी, कार्यकारी संपादक, आजतक
नरेन्द्र मोदी गुजरात के बाहर यूपी में चुनाव लड़ेंगे कहां से। इस पर फैसला बीजेपी या मोदी नहीं बल्कि संघ परिवार करेगा।
भारतीय राजनीति की ड्रामा क्विन
अखिलेश शर्मा, वरिष्ठ संपादक (राजनीतिक), एनडीटीवी :
जिस वक्त अरविंद केजरीवाल बतौर दिल्ली के मुख्यमंत्री रेल भवन पर धरने पर बैठे थे. तब मेरा वहां से गुजरना हुआ।
मोदी के तीन इक्के हर दाग धो देंगे!
पुण्य प्रसून बाजपेयी, कार्यकारी संपादक, आजतक
रामविलास पासवान। रामदास आठवले और उदितराज। मोदी के लिये अब यही वह तिकड़ी है जो देश भर में बीजेपी के मंच पर खडे होकर दलित वोट बैंक में सेंध लगायेगी।
बीजेपी यानी अटल
अखिलेश शर्मा, पत्रकार
रविवार को लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान पर इकट्ठा हुए लोगों को बीजेपी के मंच पर अटल बिहारी वाजपेयी की विशाल छवि नजर आई। नरेंद्र मोदी जिस वक्त रैली को संबोधित कर रहे थे, पृष्ठभूमि में अटल बिहारी वाजपेयी का विशालकाय फोटो उन्हें देख रहा था।
संघ की बिसात पर सोशल इंजीनियरिंग
पुण्य प्रसून बाजपेयी, कार्यकारी संपादक, आजतक
नरेंद्र मोदी, रामविलास पासवान और उदितराज। तीनों की राजनीतिक मजबूरी ने तीनों को एक साथ ला खड़ा किया है। या फिर तीनों के लाभालाभ ने एक दूसरे का हाथ थामने के हालात पैदा कर दिये हैं।
केजरीवाल (Kejriwal) ने क्यों किया सरकार का बलिदान
राजीव रंजन झा (Rajeev Ranjan Jha)
हाँ, मुझे यकीन नहीं था कि दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को झोली भर कर इतनी सीटें दे देगी। लेकिन मैंने यह भी नहीं सोचा था कि केजरीवाल बिल्ली के भाग से छींका टूटे वाली शैली में अपनी झोली में आ गिरे इस अवसर को यूँ गँवा देंगे।
निखर कर सामने आये हैं राहुल गांधी (Rahul Gandhi)
विनोद शर्मा, राजनीतिक संपादक, हिंदुस्तान टाइम्स
एआईसीसी के सत्र में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का भाषण उनके अपने मानक से अब तक सबसे बेहतरीन भाषण था। इसमें हँसी-मजाक, जोश और वादे थे। कुल मिला कर संतुलित भाषण था।