विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
महानगरों में चलने वाली ईएमयू यानी इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट का बदला हुआ रूप है मेमू ट्रेन सेवा। मेमू यानी मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (Mainline Electric Multiple Unit) । ऐसी रेलगाड़ियाँ महानगरों से छोटे शहरों के बीच चलाई गयी हैं।
मेमू ट्रेनों के कोच आपस में जुड़े रहते हैं साथ ही इसमें हर डिब्बे में टायलेट भी बना होता है। यानी ये ईएमयू का परिष्कृत रूप है। पहली मेमू ट्रेन देश में 1995 में बिलासपुर डिविजन में चलायी गयी। ये ट्रेन रायपुर दुर्ग, भाटपारा, रायपुर बिलासपुर के बीच चली। अब देश के कई हिस्सों में मेमू ट्रेनें चलायी जा रही हैं। जिन इलाकों में मार्ग विद्युतीकृत नहीं हैं वहाँ डेमू ट्रेन चलायी जाती है।
शानदार सफर – गोंदिया कटंगी डेमू ट्रेन
डेमू डीएमयू (डीजल मल्टीपल यूनिट) का परिष्कृत रूप है। छोटी दूरी में सफर करने वाले लोगों के लिए मेमू और डेमू ट्रेनें सुविधाजनक और सस्ती और त्वरित यात्रा का विकल्प प्रदान करती हैं। मेमू डेमू ट्रेनें औसतन 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से लोगों को मंजिल तक पहुँचाती हैं। लिहाजा ये देश के जिन हिस्सों में भी चलती हैं काफी लोकप्रिय हैं। गोंदिया कटंगी डेमू गोंदिया से बालाघाट का 40 किलोमीटर का सफर 1 घंटे में पूरा करती है और किराया है मात्र 10 रुपये। वहीं बिलासपुर गेवरा रोड मेमू बिलासपुर से चांपा जंक्शन का 53 किलोमीटर का सफर महज 1 घंटे 3 मिनट में तय कर लेती है।
मेमू और डेमू के सभी कोच एक दूसरे से इंटरकनेक्ट होते हैं। इन ट्रेनों में लोकों चालित ट्रेनों की तुलना में कम ईंधन व्यय होता है। ट्रेनों के दोनों छोर पर पॉवर कार होने के कारण इंजन बदलने की आवश्यकता न होने से समय की बचत होती है। लोको पायलट के लिए फ्रंटल व्यू यानी सामने देखने का प्रबंध का प्रावधान होने से चालन अत्यंत संरक्षित होता है।
क्या है डेमू
डेमू यानी डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (DEMU, Diesel-Electric Multiple Unit ) में 1400 हार्स पॉवर क्षमता वाले दो पॉवर कार तथा छह ट्रेलर कार लगते हैं। स्पीड पकड़ने की क्षमता अधिक होती है। यात्रियों की क्षमता पारंपरिक कोचों के 90 की तुलना में 108 होती है। प्रत्येक पॉवर कार में भी यात्रियों के बैठने की सुविधा होती है।
अब सीएनडी डेमू भी
13 जनवरी 2015 को देश की पहली सीएनजी डेमू ट्रेन हरियाणा राज्य के रेवाड़ी से 13 जनवरी 2015 को रवाना की गयी जो रोहतक तक चलती है। हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया जहाँ सीएनजी डेमू ट्रेन चलायी गयी। कुल 8 डिब्बों वाली 74017 रेवाड़ी-रोहतक डेमू ट्रेन’ को रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने हरी झंडी दिखाकार रवाना किया। यह ट्रेन डीजल और सीएनजी दोनों सिस्टम से लैस है। डीजल-सीएनजी ट्रेन के लिए रेलवे ने विशेष तौर पर एक 1400 हॉर्सपॉवर का इंजन तैयार करवाया। इस ट्रेन में दो पॉवर कोच और छह कोच लगाये गये हैं, जो चेन्नै स्थित कारखाने में बनाये गये हैं। मेमू ट्रेनों का नंबर 6 से आरंभ होता है, जबकि डेमू का 7 से आरंभ होता है।
(देश मंथन, 16 मार्च 2015)




विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :












