Friday, March 27, 2026

देश मंथन डेस्क

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गरीबी सचमुच अभिशाप है

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :

"डाक्टर साहब मेरा बेटा ठीक होगा कि नहीं, सच-सच बताइए।"

मनमोह लेती डलहौजी की आबोहवा

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :

डलहौजी की आबोहवा ऐसी है जो लोगों को पसंद आती है। हमें सुभाष चौक पर एक अवकाशप्राप्त दंपति मिले जो एक महीने से आ कर डलहौजी में पड़े हैं। कमरा किराये पर ले लिया है। यहाँ से जाना नहीं चाहते। सुभाष प्रतिमा के पास दोपहर में मीठी धूप के मजे ले रहे हैं। 

प्रतिष्ठा पर चोट पहुँचाने से सत्य को जानना जरूरी

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :

अगर मैंने ये कहानी अपने कानों से नहीं सुनी होती तो मुझे कभी अपने पत्रकार होने की शर्मिंदगी के उस अहसास से नहीं गुजरना पड़ता, जिससे मैं दो दिन पहले गुजरा हूँ। कहानी मुझे एक डॉक्टर ने सुनाई और पहली बार मुझे इस कहानी को सुनते हुए आत्मग्लानि सी हो रही थी। मुझे लग रहा था कि कहीं चुल्लू भर पानी मिल जाए तो फिर कभी किसी को अपना मुँह भी न दिखाऊँ। 

गेटवे ऑफ चंबा – बनीखेत

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :

बनीखेत में ठहरने के कई कारण थे। पहला की बनीखेत डलहौजी से छह किलोमीटर पहले है, जो लोग पहाड़ों की चकरघिन्नी वाले रास्ते पर लंबा सफर नहीं करना चाहते उन्हें जल्दी ब्रेक मिल जाता है। दूसरा अगर डलहौजी घूमना है बनीखेत में रूक कर भी घूमा जा सकता है। बनीखेत से डलहौजी महज 6 किलोमीटर है। 10 मिनट में किसी भी बस से पहुँच जाइए। ठहरने के लिए बनीखेत में भी कई होटल और गेस्ट हाउस हैं। बनीखेत में होटल डलहौजी की तुलना में किफायती है। 

श्री लगाने भर से कोई श्रीमान नहीं हो जाता सुव्रत राय

पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :

विद्यार्थी जीवन में जब मैं हरिश्चंद्र इंटर कालेज में कक्षा छह का विद्यार्थी था तब अंग्रेजी के अध्यापक महाशय ने बताया था प्रापर नाउन और कामन नाउन के बारे में। पता नहीं क्यों उन्होंने एक बात कही थी- " कामन नाउन से प्रापर नाउन बनाया जा सकता है"। हमने यह सुन कर सीखा।

स्वामी प्रसाद मौर्य के सीमित होते विकल्प

संदीप त्रिपाठी :

बसपा से बगावत कर स्वामी प्रसाद मौर्य ने पहली गलती की थी, दूसरी गलती उन्होंने सपा को गुंडों की पार्टी कह के की। मौर्य की पहचान मौर्य-कुशवाहा समाज के नेता के रूप में कम, मायावती के सिपहसालार के रूप में ज्यादा रही है। सपा के विरुद्ध विषवमन के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा में शामिल होने की जुगत में जुटे हैं। भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य सभी नपा-तुला बोल रहे हैं। स्वामी प्रसाद अब लखनऊ से दिल्ली के बीच दौड़ लगा रहे हैं।

खेल के आकलन का सही समय आ चुका है धोनी

पद्मपति शर्मा, वरिष्ठ खेल पत्रकार :

टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी निस्संदेह इतिहास पुरुष हैं। आंकड़े स्वयं ही इसकी गवाही देते हैं कि वह दुनिया के ऐसे पहले कप्तान हैं जिन्होंने आईसीसी के तीनो टूर्नामेंट देश के लिए अपनी कप्तानी में जीते ही नहीं, टेस्ट में भी टीम को नंबर एक पर पहुँचाया।

परमपावन धाम श्री सिद्धबली हनुमान मंदिर – कोटद्वार

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :

कोटद्वार शहर के बाहर पहाड़ की तलहटी में खोह नदी के किनारे स्थित है सिद्धबली हनुमान मंदिर। यह स्थान तीन तरफ से वनों से ढका हुआ बड़ा रमणीक है। सड़क से मंदिर तक पहुँचने के लिए खोह नदी पर पुल बना हुआ है। गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार कस्बे से कोटद्वार-पौड़ी राजमार्ग पर लगभग तीन किलोमीटर आगे लगभग 40 मीटर ऊँचे टीले पर स्थित है गढ़वाल प्रसिद्ध देवस्थल सिद्धबली मन्दिर। यह हनुमान जी का एक पौराणिक मन्दिर है। इस मंदिर में आने वाले साधकों को अप्रतिम शांति की अनुभूति होती है।

भूत

प्रेमचंद : 

मुरादाबाद के पंडित सीतानाथ चौबे गत 30 वर्षों से वहाँ के वकीलों के नेता हैं। उनके पिता उन्हें बाल्यावस्था में ही छोड़कर परलोक सिधारे थे। घर में कोई संपत्ति न थी। माता ने बड़े-बड़े कष्ट झेलकर उन्हें पाला और पढ़ाया। सबसे पहले वह कचहरी में 15) मासिक पर नौकर हुए। फिर वकालत की परीक्षा दी। पास हो गये। प्रतिभा थी, दो-ही-चार वर्षों में वकालत चमक उठी। जब माता का स्वर्गवास हुआ तब पुत्र का शुमार जिले के गण्यमान्य व्यक्तियों में हो गया था।

राजनीतिक चंदा

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :

आज की कहानी मुझे मेरे दफ्तर में कोई सुना रहा था। बता रहा था कि उसने शायद ऐसा कभी बहुत पहले अखबार में पढ़ा था, या फिर किसी वरिष्ठ पत्रकार ने उससे साझा किया था।