प्यार के दीप

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
कभी-कभी हर आदमी की इच्छा अतीत में लौटने की होती है।
रिश्ते दिल मिला कर बनते हैं

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
मेरी शादी तय हो चुकी थी। मुझे पता था कि मेरी होने वाली पत्नी का नाम दीपशिखा है। पर आगे क्या?
वसंत पंचमी के दिन नहीं हुआ था बीएचयू का शिलान्यास

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सौ साल
हर साल वसंत पंचमी के दिन काशी हिंदू विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस मनाया जाता है पर वास्तव में देश के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालय का नींव पत्थर जिस दिन रखा गया उस दिन वसंत पंचमी नहीं थी। बीएचयू का नींव पत्थर चार फरवरी 1916 को एक बड़े समारोह में रखा गया।
कब आएगा रेलवे मानचित्र पर गंगटोक…

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
गगंटोक से वापस लौट रहा हूँ। देवराली से ही टैक्सी बुक करता हूँ। यहाँ से वापसी का टैक्सी का फिक्स किराया है 200 रुपये। पर टैक्सी भरने पर ही चलती है। कोई टाइमटेबल नहीं है। टाइम टेबल से सिक्किम रोडवेज की बसें चलती हैं। मिनी बसों में किराया 160 रुपये है। बसें भी सुरक्षित और आरामदायक हैं। पर उनका चलने का समय निश्चित है।
दिल में दिमाग वालों से डर लगता है

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
बहुत साल पहले हम पटना से भोपाल एक शादी में शामिल होने गए थे। मैं, मेरा छोटा भाई, मेरी बहन, मेरे चचेरे, ममेरे, फुफेरे और ढेरों भाई-बहन हम वहाँ उस शादी में मिले थे। हम बच्चों का दिल आपस में ऐसा लग गया था कि हमें लगता था कि ये शादी कभी खत्म ही न हो।
सियाचिन-दुनिया का सबसे ऊँचा युद्धस्थल

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
हिमालय के पूर्वी कारकोरम रेंज में स्थित सियाचिन दुनिया के सबसे ऊँचे युद्धस्थलों में से एक है। सियाचिन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हिमनद ( ग्लेसियर) है। भारत पाकिस्तान के बीच सामरिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन सियाचिन में तैनात फौजियों की जिंदगी काफी मुश्किल है।
रावण तुम्हें मर ही जाना चाहिए

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
ये कहानी है गीता की। ये कहानी है परी की। ये कहानी है हैवानियत की। ये कहानी है इंसानियत की।
हकीकत बना पटना दीघा रेल सह सड़क पुल

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
देश का सबसे लंबा सड़क सह रेल पुल (RAIL CUM ROAD BRIDGE) अब हकीकत बन चुका है। इसके साथ ही बिहार निवासियों के सपनों को पँख लग गये हैं। अब उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच करोड़ों लोगों का संपर्क सुलभ हो सकेगा।
रिश्तों को जीने वाले आँखों से जीते हैं

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
मेरे एक फेसबुक परिजन ने मुझसे शिकायत की कि संजय सिन्हा आप बहुत झूठ बोलते हैं।
रिश्तों की विरासत

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
अब आप सोच रहे होंगे कि संजय सिन्हा के मन में सुबह-सुबह लड्डू क्यों फूट रहे हैं। तो मैं आज आपको ज्यादा नहीं उलझाऊँगा।
गाल की महबूब ट्रेन-पदातिक एक्सप्रेस

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
पदातिक एक्सप्रेस - सियालदह सेन्यू जलपाईगुड़ी के बीच चलने वाली दार्जिलिंग मेल के बाद एक और ट्रेन। मैं सुबह-सुबह अपने साथी अनवारुल हक के साथ मालदा टाउन स्टेशन पर 12377- पदातिक एक्सप्रेस का इंतजार करता हूँ। पर इंतजार कहाँ। ट्रेन का सुबह 5.40 पहुँचने और 5.45 छूटने का समय है। लेकिन ट्रेन तो आधा घंटे पहले आकर प्लेटफार्म पर लग चुकी है। बीच के एसी कोच के सामने भारी सुरक्षा है।
तीस्ता के साथ गंगटोक का सफर

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
तीस्ता नदी सी तू चंचला... येशुदास के आवाज में ये गीत बचपन से सुन रहा हूँ। सिलिगुड़ी से गंगटोक के रास्ते में सड़क के साथ-साथ लंबे समय तक तीस्ता नदी साथ-साथ चलती है। उछलती-कूदती बलखाती किसी अल्हड़ किशोरी की तरह। चंचल-चपल तीस्ता।



संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :





