गुरु गोबिंद सिंह की याद दिलाता है गुरुद्वारा दमदमा साहिब

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
वैसे तो दिल्ली प्रसिद्ध गुरुद्वारों में गुरुद्वारा शीशगंज साहिब, गुरुद्वारा बंगला साहिब, गुरुद्वारा रकाबगंज के बारे में सभी लोग जानते हैं। पर दिल्ली में और भी कई ऐतिहासिक गुरुद्वारे हैं। इनमें से एक है गुरुद्वारा दमदमा साहिब।
गुरुद्वारा दमदमा साहिब दक्षिण दिल्ली में हुमांयू के मकबरे के पीछे स्थित है।
बू अली शाह कलन्दर – दमादम मस्त कलन्दर

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
पानीपत का कलन्दर शाह की दरगाह हिन्दुओं और मुसलमानों के लिए समान रूप से श्रद्धा का केन्द्र है।
रास्ते हैं प्यार के, चलिये संभल के

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :
मुझे यकीन है कि आप में से कोई न कोई कीनिया की मिस कुवी को जरूर जानता होगा। मिस कुवी पिछले साल भर से दोस्ती निवेदन मेरे पास भेज रही हैं।
अकेलापन है सजा

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
हमारे दफ्तर के एक साथी की पत्नी अपने दोनों बच्चों समेत पिछले हफ्ते भर से मायके गयी हैं।
जिस दिन मेरे साथी की पत्नी मायके जा रही थीं, वो बहुत खुश थे। उन्होंने दफ्तर में बाकायदा एनाउन्स किया कि अब वो दो हफ्ते छड़ा रहेंगे।
चलता जीवन, बहता पानी

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
वैसे तो मेरे पास इतना समय नहीं है कि मैं रोज आइने में अपना चेहरा देख सकूँ। सुबह ब्रश करते हुए जितना दिख जाता है, उतना ही काफी है।
मशहूर शायर हाली का पानीपत

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
पानीपत के कलन्दर शाह की दरगाह एक अजीम शायर की मजार है।
आगे बढ़ते हम, पीछे छूटते अपने

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
मेरे पड़ोस वाली रेखा दीदी की शादी मेरी जानकारी में सबसे पहले चाँद के पास वाले ग्रह के एक प्राणी से हुई थी।
एमएफ हुसैन से ले कर विराट कोहली तक एक साथ

आलोक पुराणिक, व्यंग्यकार :
स्कूली बच्चों की छुट्टियाँ है, पर उनसे पूछिये क्या वाकई उनकी छुट्टियाँ हैं। स्कूल की क्लासें क्या खत्म होती हैं, डान्स से लेकर अच्छी हैंडराइटिन्ग तक की क्लासें उग आती हैं।
इब्राहिम लोदी की मजार : कोई नहीं आता फूल चढ़ाने

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
पानीपत शहर के जीटी रोड पर स्थित स्काईलार्क रिजार्ट के बगल से अन्दर जाते रास्ते पर दो फर्लांग आगे इब्राहिम लोदी की मजार है।
दिल की सुनो, बदलाव भी जरूरी

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
प्रिय संजय सिन्हा,
पिछले तीन दिनों से तुम जयप्रकाश नरायण, इमरजंसी, इन्दिरा गाँधी, अच्छे दिन वगैरह-वगैरह लिख रहे हो उसका फल तुमने भोग लिया है। कहाँ तुम एक-एक पोस्ट पर हजार-हजार लाइक बटोरा करते थे, और जबसे तुमने जरा राजनीतिक यादों की झलकियों को दिखाने की कोशिश की, तुम्हें तुम्हारी औकात पता चल गयी।
वेधशाला है दिल्ली का जन्तर-मन्तर

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
दिल्ली के संसद मार्ग पर है जन्तर-मन्तर। आजकल जन्तर-मन्तर का नाम आते ही धरना-प्रदर्शन का दृश्य जेहन में घूमने लगता है।
हुमायूँ का मकबरा : इससे मिली थी ताजमहल बनाने की प्रेरणा

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
दिल्ली का हुमायूँ का मकबरा ताज महल के जैसा खूबसूरत है। कुछ सामन्यताएँ ताजमहल और हुमायूँ के मकबरे में।



विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :
आलोक पुराणिक, व्यंग्यकार :





