प्यार कैसे पनपे

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
ये बात ठीक से याद नहीं कि सबसे पहले किसने मुझे ये समझाया था कि हिन्दुस्तान में तीन ही नौकरी ऐसी हैं, जिनमें असली दबदबा है।
पहली नौकरी पीएम की, दूसरी सीएम की और तीसरी डीएम की। हमारे साथी कहा करते थे कि पीएम के पास देश चलाने का पावर होता है, सीएम के पास राज्य चलाने का और डीएम के पास जिला चलाने का। अगर राजाओं वाली जिन्दगी जीनी हो तो आईएएस बन जाओ और जीवन भर मौज करो।
एलीफैंटा में देखिए शिव की अनूठी मूर्ति

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
मुम्बई के गेटवे ऑफ इन्डिया से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एलीफैंटा की गुफाएँ दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं।
खादी का जलवा

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
हिन्दुस्तान में एक राज्य है मध्य प्रदेश। उसी से टूट कर एक और राज्य बना है छत्तीसगढ़।
पहाड़ों के देवता – माथेरन का पिसरनाथ मन्दिर

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
माथेरन में मुख्य बाजार से आगे पैदल चलते हुए हम लोग घने जंगलों में पहुँच जाते हैं।
ये वक्त गुजर जाएगा

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
रोज सुबह जगना और फिर लिखना मेरे नियम में शुमार हो चुका है।
अमर प्रेम


संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
बचपन में मैं कुम्हार बनना चाहता था।
हर ‘आम’ में है कुछ खास

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
आम फलों का राजा है। आम सिर्फ स्वाद में ही बेहतर नहीं है बल्कि यह अनेक गुणों का खजाना है।
परिस्थिति से डिगे नहीं, लक्ष्य पर रखें निगाहें

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
कई लोगों ने कहा कि मुझे आज रणबीर कपूर पर कुछ लिखना चाहिए। रणबीर कपूर के विषय में इसलिए क्योंकि कल वो हमारे दफ्तर आये थे और उनसे मेरी मुलाकात हुई थी।
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस : विश्व विरासत का रेलवे स्टेशन

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस नया नाम है। पुराना नाम था विक्टोरिया टर्मिनस। देश के अति व्यस्त रेलवे स्टेशनों में एक। आधा हिस्सा लंबी दूरी के ट्रेनों के लिए तो आधा हिस्सा लोकल ट्रेनों के लिए समर्पित है।
लक्ष्मी जी के आगे सब नतमस्तक

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
माँ की सुनाई सभी कहानियाँ मैं एक-एक कर आपके साथ साझा कर रहा हूँ।
मुझे बहुत बार आश्चर्य भी होता है कि माँ को कैसे इतनी कहानियाँ याद रहती थीं।
शिमला में हनुमान जी का जाखू मन्दिर

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
जब आप शिमला घूमने जाएँ तो जाखू मन्दिर जरूर जाएँ। जाखू मन्दिर शिमला की सबसे ऊँची चोटी पर स्थित है।
अपने कर्मों का भोजन हम स्वयँ बनाते हैं

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
चार दोस्त थे।
अब अगर चार की जगह तीन दोस्त भी होते तो वही होता, जो चार के होने पर हुआ।
खैर, संख्या की कोई अहमियत नहीं। न ही ये बहस का विषय हो सकता है।









