बैल खींचते थे रेलगाड़ी

विद्युत प्रकाश मौर्य :
नैरोगेज की बात करें तो इसका मतलब 2 फीट 6 ईंच ( 762 एमएम) पटरियों के बीच की चौड़ाई वाली रेलवे लाइन। हालाँकि कुछ नैरोगेज लाइनों की चौड़ाई दो फीट भी है। भारत में पहली नैरोगेज लाइन गुजरात में 1862 में दभोई से मियागाम के बीच बिछाई गई। ये 762 एमएम की नैरोगेज लाइन गायकवाड बड़ौदा स्टेट रेलवे ने बिछाई।
देश के केंद्र में है बैतूल शहर

विद्युत प्रकाश मौर्य :
सतपुड़ा की वादियों में बैतूल मध्य प्रदेश का एक जिला है। पर इस जिले की खास बात है कि ये देश के बिल्कुल केंद्र में बसा है।
खत्म हुआ शकुंतला एक्सप्रेस का सफर

विद्युत प्रकाश मौर्य :
जुलाई 2014 में देश के मानचित्र से एक नैरो गेज ट्रेन विदा हो गई। महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में यवतमाल से मुर्तुजापुर ( अकोला जिला) के बीच 112 किलोमीटर का नैरो गेज रेल नेटवर्क हुआ करता था।
पहलाज की पहल का समर्थन होना चाहिए

अभिरंजन कुमार :
फिल्मों में गालियों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने की पहलाज निहलानी की पहल काबिल-ए-तारीफ है।
जैसा संस्कार दोगे वैसा पाओगे

संजय सिन्हा :
पता नहीं फेसबुक पर किसने लिखा, लेकिन जिसने भी लिखा ये चुटकुला नहीं था और अगर ये चुटकुला था तो बेहद मार्मिक था।
लिखने वाले ने तो लिख दिया कि एक बूढ़ा आदमी अपने फोन को लेकर बाजार में गया, ये दिखाने के लिए कि उसके फोन में क्या खराबी है, ये पता चल जाए।
टच में रहिये

आलोक पुराणिक :
मुझसे कोई पूछे कि ब्रह्मांड का सबसे मुश्किल काम क्या है-मैं कहूँगा -टच में रहना।
सतपुड़ा एक्सप्रेस का रोमांचक सफर

विद्युत प्रकाश मौर्य :
सतपुड़ा की हरी-भरी वादियों के बीच नैरोगेज की पटरियों पर चलने वाली कई ट्रेनों के बीच सतपुड़ा एक्सप्रेस इस क्षेत्र की सबसे लोकप्रिय ट्रेन है। ये एक्सप्रेस ट्रेन सात घंटे में आपको जबलपुर से बालाघाट पहुंचाती है। 10002 जबलपुर-बालाघाट सुबह 5.30 बजे चलने वाली ट्रेन दोपहर 12 बजे बालाघाट पहुँच जाती है।
किसे पसंद नहीं था अमिताभ का नाम

संजय सिन्हा :
इस बार फिल्म 'शमिताभ' के लिए जब अमिताभ बच्चन से मेरा मिलना हुआ था, तब मेरे मन में एक सवाल था, जो मैं उनसे पूछना चाहता था। दरअसल ये सवाल बहुत दिनों से मेरे मन में था, जिसे मैं पूछना चाहता था।
चुरू का तापमान

आलोक पुराणिक :
खबर थी टीवी पर कि ये सर्दियां मार्च तक चलेंगी। पर फरवरी के बीच में ही कुछ हल्की गर्मी का सा माहौल हो जाता है कई बार।
रॉन्ग नंबर पर हैप्पी वैलेंटाइन डे


संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
"हैलो रोमियो। आज वैलेंटाइन डे है, प्यार करने की तारीख। तुमने मुझे अभी तक विश नहीं किया। दुनिया तुम्हें प्यार के मसीहा के रूप में जानती है, और तुम इस वक्त सो रहे हो।"
हिंदी लेखक उर्फ बकरी

आलोक पुराणिक :
दिल्ली में इंटरनेशनल बुक फेयर शुरू होनेवाला है। पढ़ने-लिखने से जुड़ा विमर्श कई शैक्षिक संस्थानों में शुरू हुआ है।
जोश और अनुभव से मिलती है जीत

संजय सिन्हा :
ये कहानी भी माँ ने ही सुनाई होगी, वर्ना और कहाँ से कहानी सुन सकता था मैं, लेकिन ये कहानी मुझे अधूरी सी याद है।



विद्युत प्रकाश मौर्य :
अभिरंजन कुमार :
आलोक पुराणिक :





