इक्कीसवीं सदी और कोईलवर का पुल

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
1857 में देश का पहला स्वतंत्रता संग्राम हुआ और उसके ठीक पाँच साल बाद पटना और आरा के बीच सोन नदी पर कोईलवर पुल का उद्घाटन हुआ। ये एक रेल सह सड़क पुल है।
मुश्किल में मित्र की पहचान होती है

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :
जब माँ मुझे और इस संसार को छोड़ कर जा रही थी तब मैं नहीं सोच पाया था कि माँ के चले जाने का मतलब क्या होता है। मेरी नजर में माँ कैंसर की मरीज थी और भयंकर पीड़ा से गुजर रही थी।
जिन्दगी उठ कर गिरने और गिर कर उठने का नाम है

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :
मुझे नहीं पता कि आप में से कितने लोगों ने धान की बोआई और फिर उसकी रोपाई देखी है।
रोमांटिक है जयपुर का जल महल

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
जल महल राजस्थान की राजधानी जयपुर के मानसागर झील के मध्यप स्थित प्रसिद्ध ऐतिहासिक महल है। जयपुर से आमेर की तरफ जाते हुए दाहिनी तरफ जल महल दिखायी देता है। राजा इस महल को अपनी रानी के साथ अपना खास वक्त बिताने के लिए इस्तेेमाल करते थे।
अकबर का होली-डे होमवर्क

आलोक पुराणिक, व्यंग्यकार :
बच्चों की आफत है, होली-डे में भी होमवर्क होता है।
मन भरा तो मोक्ष मिला

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
पत्रकारिता में होने का कोई फायदा हो न हो, लेकिन एक फायदा जरूर है कि ऐसे कई लोगों से मिलने का मौका मिल जाता है, जिनसे आम तौर पर मुलाकात संभव नहीं।
कालीघाट : देवी का प्रचंड रूप देखें

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
कोलकाता का कालीघाट क्षेत्र अपने काली माता के मन्दिर के लिए प्रसिद्ध है। कालीघाट काली मन्दिर देश के 51 शक्तिपीठों में से एक है।
लिंगराज मन्दिर : अद्भुत रचना, सौंदर्य और शोभा का संगम

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित है लिंगराज मन्दिर। यह इस शहर के प्राचीनतम मन्दिरों में से एक है।
आदमी की गलतियाँ उसकी थाली के नीचे छुपी होती हैं

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
आज लिखने में देर होने की बहुत बड़ी वजह है मेरी पत्नी को ऐसा लगना कि मेरा वजन बढ़ गया है, और मैं खाने-सोने-जागने पर नियन्त्रण नहीं रखता।
कल रात घर में आलू-गोभी की दम वाली सब्जी बनी थी, पराठे बने थे। लेकिन मुझे उसमें से कुछ भी खाने को नहीं मिला।
आजमाये हुए को दुबारा नहीं आजमाना चाहिए

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
ये संसार बुराइयों से भरा पड़ा है। ये संसार अच्छाइयों से भी भरा पड़ा है।
मुंबई पुणे एक्सप्रेस वे पर रफ्तार का आनंद

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
देश की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई और महाराष्ट्र के सांस्कृतिक शहर पुणे को जोड़ता है मुंबई पुणे एक्सप्रेस वे। ये देश का पहला एक्सप्रेस वे है।
पर्मानेंट इलाज

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :
मुझे खुद ही याद नहीं कि आज जो कहानी मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ, उसे पहले आपको सुना चुका हूँ या नहीं।



विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
आलोक पुराणिक, व्यंग्यकार :





