क्या एक दिन खत्म हो जायेगा माजुली द्वीप

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार:
संसार के सबसे बड़े नदी द्वीप माजुली का अस्तित्व खतरे में है। यह एक सच है क्योंकि कई दशक का रिकार्ड बताता है कि द्वीप साल दर साल कटाव झेल रहा है और उसका भौगोलिक दायरा सिकुड़ता जा रहा है।
रेत के टीलों के बीच डूबता सूरज – एन इवनिंग इन सम सैंड ड्यून्स

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार:
सम सैंड ड्यून्स। जैसलमेर की सबसे रोचक और रोमांटिक लोकेशन है। हर जैसलमेर आने वाला सैलानी वहाँ जाना चाहता है। जाए भी क्यों नहीं। जिस तरफ आप पहाड़ों पर बर्फ और समंदर के किनारे लहरें देखने जाते हैं, ठीक उसी तरह लोग थार में सैंड ड्यून्स देखने आते हैं।
गब्बर सिंह का चरित्र चित्रण

दसवीं की परीक्षा में गब्बर सिंह का चरित्र चित्रण करने के लिए कहा गया। एक छात्र ने उसका चरित्र चित्रण कुछ इस तरह लिखा :
जैसलमेर में तनोट देवी का चमत्कारी मंदिर

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार:
देश के कुछ चमत्कारी मंदिरों में शामिल है तनोट भवानी का मंदिर। यह मंदिर राजस्थान में जैसलमेर शहर से 130 किलोमीटर दूर पाकिस्तान की सीमा पर है। तनोट भवानी मंदिर को पाकिस्तान हिंगलाज भवानी का रूप माना जाता है।
तेज दौड़ने की गति परीक्षा
पुरुषों के लिए : आप की पत्नी कितना तेज दौड़ सकती है, यह देखना है तो जोर से यह चिल्लाइये -
दवा जो पूरे शहर में नहीं मिली
मरीज - डॉक्टर साहब, आपने पर्चे के पीछे जो दवा लिखी है, वह पूरे शहर में कहीं नहीं मिल रही है। क्या करूँ?
सुंदर लड़की का हाथ पाने के लिए
एक लड़के ने बड़ी उत्कंठा से एक साधु बाबा से पूछा - बाबा जी, किसी सुंदर लड़की का हाथ पाने के लिए क्या करना चाहिए?
इसको कहीं देखा है
एक पागल आइने में खुद को देख कर सोचने लगा कि यार इसको कहीं देखा है।
मच्छरों की विधवाएँ
मालिक ने नौकर से कहा - मच्छर मार दो, बहुत हो गये हैं...!
विमान में घर जैसा माहौल
आदमी हवाई जहाज़ से उतरा तो दरवाजे पर खड़ी एयर होस्टेस बोली -
कहानी इत्तेफाक की

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
सुनिए, आज एक कहानी इत्तेफाक की सुनिए। आज एक लड़का और एक लड़की की कहानी सुनिए।
जिन्दगी अनमोल है, पर असीमित नहीं

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
कर्मचारी बॉस के आगे गिड़गिड़ा रहा था।
“सर, अब आप मुझे शाम सात बजे के बाद मत रोका कीजिए। मुझे रोज शाम सात बजे यहाँ से जाने दिया कीजिए।”



विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार:
संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :





