शांति

प्रेमचंद :
स्वर्गीय देवनाथ मेरे अभिन्न मित्रों में थे। आज भी जब उनकी याद आती है, तो वह रंगरेलियाँ आँखों में फिर जाती हैं, और कहीं एकांत में जाकर जरा देर रो लेता हूँ।
अबूझ पहेली

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :
हमारे फेसबुक परिजनों में एक हैं Shaitan Singh Bishnoi। मैंने एक दो बार जब कभी ये लिखा कि कृष्ण और द्रौपदी के बीच का रिश्ता कभी सखा-सखी का था, कभी भाई-बहन का और कभी प्रेमी-प्रेमिका का, तो शैतान सिंह जी ने मुझसे कहा कि मैं कभी न कभी इस बात की खुल कर चर्चा करूँ कि आखिर ऐसा कैसे संभव है कि एक ही स्त्री में कोई हर रूप को तलाश ले। यकीनन उन्हें पता होगा कि कृष्ण की बहन सुभद्रा अर्जुन से ब्याही गयी थीं, इस तरह द्रौपदी भी कृष्ण की बहन लगीं।
राजा जनक जी के बाग में अलबेला रघुबर आयो रे…

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
जनकपुर शहर से भारत के हिन्दुओं का आत्मीय रिश्ता है। भला हो भी क्यों न राजा रामचन्द्र जी की ससुराल है। यहीं की बगिया में सीता माता ने पहली बार रामजी को देखा था और उनके रूप मोहित हो गई थीं। हमने देखा कि आज भी जनकपुर में शादियाँ बड़े संस्कारी तरीके से होती है।
बड़े भाई साहब

प्रेमचंद :
मेरे भाई साहब मुझसे पाँच साल बड़े थे, लेकिन केवल तीन दरजे आगे। उन्होंने भी उसी उम्र में पढ़ना शुरू किया था जब मैंने शुरू किया था; लेकिन तालीम जैसे महत्व के मामले में वह जल्दबाजी से काम लेना पसंद न करते थे।
मन की कमजोरी

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :
“आओ संजू, मेरे पास बैठो।”
माँ मुझे पास बुला कर मेरा सिर सहला रही थी।
सीता माता का शहर – जनकपुर धाम

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
नेपाल में भारत की सीमा पर स्थित है सीता माता का शहर जनकपुर धाम। मैं पहली बार में 1999 में जनकपुर गया, दूसरी बार 2015 में। पर इन 16 सालों में एक चीज नहीं बदली।
बेटोंवाली विधवा

प्रेमचंद :
पंडित अयोध्यानाथ का देहांत हुआ तो सबने कहा, ईश्वर आदमी की ऐसी ही मौत दे। चार जवान बेटे थे, एक लड़की। चारों लड़कों के विवाह हो चुके थे, केवल लड़की क्वाँ री थी। संपत्ति भी काफी छोड़ी थी। एक पक्का मकान, दो बगीचे, कई हजार के गहने और बीस हजार नकद।
औकात

संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :
मैंने माँ से पूछा था, “माँ, औकात क्या होती है?”
सबसे सुन्दर अशोक स्तंभ – लौरिया नन्दन गढ़

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
सम्राट अशोक द्वारा देश भर में 30 अशोक स्तंभ बनवाये जाने की चर्चा मिलती है। इसमें बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के लौरिया का अशोक स्तंभ प्रमुख है। पत्थर के बने इस स्तंभ के शीर्ष पर बैठे हुए शेर की आकृति बनी है। जो सम्राट अशोक के शासन काल में वीरता और वैभव का प्रतीक है।
माँ

प्रेमचंद :
आज बन्दी छूटकर घर आ रहा है। करुणा ने एक दिन पहले ही घर लीप-पोत रखा था। इन तीन वर्षों में उसने कठिन तपस्या करके जो दस-पाँच रूपये जमा कर रखे थे, वह सब पति के सत्कार और स्वागत की तैयारियों में खर्च कर दिये।
मोह उम्र में ज्ञान से बड़ा है

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक :
अब आज की पोस्ट पढ़ते हुए मुझे कोसने मत लगिएगा कि वो कहानी मैं कहाँ से लेकर आ गया हूँ, जिसे आप बचपन से सुनते चले आ रहे हैं। पर हर पुरानी कहानी का एक संदर्भ होता है। वजह होती है, पुरानी कहानी को नये मौके पर सुनाने की।
प्रकट सिया सुख दईया, जनकपुर में बाजे बधईया…

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :
नेपाल का शहर जनकपुर विदेह राजा जनक की नगरी है। यहाँ पर माँ जानकी का विशाल मन्दिर है।



संजय सिन्हा, संपादक, आज तक :
विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :





